Balod

Balod Breaking:- उल्टा चोर कोतवाल को डांटे,जुआ खेलने वालों की जहमत इतनी की पत्रकार को दी धमकी

बालोद/डौण्डी लोहारा :- आजकल आरोपियों के हौसले भी इतने बुलंद हो गए हैं कि गलती करने के बाद भी यह चाहते हैं कि इन्हें कोई सजा ना हो और अगर गलती से इन्हें सजा हो भी जाती है तो यह बकायदा धमकी देकर जान से मारने की बात करते हैं। इनके हिसाब से इनके गलत कामों में इन्हें वाहवाही मिलनी चाहिए सजा नहीं क्योंकि अगर इनके द्वारा किए गए गुनाहों को समाचारों में प्रसारित किया जाए तो इन्हें यह मुनासिब नहीं होता और यह पत्रकारों को ही धमकी देते हैं।

हम बात कर रहे है जुआ मामले में पकड़ाए सुदर्शन संचेती पिता रिखबचंद संचेती की जिनका जमानत से बाहर आने के बाद एक और कारनामा सामने आया है। मामले में सुदर्शन संचेती के खिलाफ हुई कानूनी कार्यवाही को लेकर समाचार प्रकाशित करने पर सुदर्शन संचेती द्वारा हमारे आईडीपी 24 न्यूज चैनल के ब्यूरो चीफ को ही कानूनी कार्यवाही करने की धमकी व नोटिश भेजवा दिया गया। याने यहां तो यह बात हो गई कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे एक तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी।

बता दे बीते 25 जुलाई को देर शाम डौण्डी लोहारा नगर से लगे गांव धनगांव के जंगल से बालोद पुलिस स्क्वायड के कुमार गौरव साहू ,गुंडरदेही टी आई रोहित मालेकर व नगर थाना के टी आई आर पी यादव व पुलिस टीम ने 7 लोगो को जुआ मामले में पकड़ा था वही मौके से फरार 2 लोगो के ऊपर भी कार्यवाही की गई,

जुआ के खेल में नगर के युवक सुदर्शन संचेती भी पकड़ा गया व पुलिस ने मौके से कुल 118690 रुपये भी जप्त किये साथ ही मामले में कार्यवाही करते हुए अपराध क्रमांक 179/2020 धारा 13 जुआ एक्ट व 188,269,270 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लेकर आरोपियों को रिमांड पर लिया जहाँ से उन्हें जेल भी भेजा गया था जिन्हें न्यायालय से फिलहाल जमानत मिला है।

वही जुआ में पकड़ाने के बाद आरोपी सुदर्शन संचेती इस मामले को राजनीति से प्रेरित व दुर्भावना से करने की बात कह रहा है जबकि पुलिस का कहना है कि जुआ में बड़ी रकम व बड़ी कार्यवाही में आरोपी पकड़ा गया है

इसी जुआ मामले में पकड़ाए आरोपी सुदर्शन संचेती के बड़े भाई पदम् संचेती के खिलाफ दबंग दुनिया के ब्यूरो चीफ परस साहू ने अपराध दर्ज करने व कड़ी कार्यवाही करने गुंडरदेही थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराया है कि समाचार प्रकाशित करने को लेकर पदम् संचेती ने उसको धमकी दी व गाली गलौच किया है। जिस पर अपराध दर्ज कर पदम संचेती के ऊपर कार्यवाही किया जाए। जिसमे पुलिस का भी सुस्त रवैया देखने को मिला पत्रकार द्वारा शिकायत करने के बाद ही पुलिस को उक्त व्यक्ति के खिलाफ तत्काल 154 के तहत एफ आई आर दर्ज करना था जो कि आज दिनांक तक नहीं किया जा सका है ऐसे में यहां पर यह कहने में बिल्कुल भी दो राय नहीं की पुलिस के संरक्षण में ऐसे ही अपराधियों को अपराध करने का शय मिलता है।

ऐसे नोटिसों से ना हम डरेंगे और ना ही सच छुपाएंगे जो सच है वह सबके सामने लाएंगे ना कि अपराधियों की गलती पर पर्दा डालेंगे।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Contact Us