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गोडसे के वंशजों ने लिखी है स्क्रिप्ट, डायलाग बोल रही है कंगना रनौत : राजेंद्र साहू….

• भाजपा नेताओं के मौन से साबित हुआ कि वे कंगना के बयानों से सहमत

• अगर सहमत न होते तो जेल की सलाखों के पीछे होती कंगना

• क्या देश के अमर बलिदानियों के अपमान के लिए कंगना को दिया है पद्मश्री

दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कंगना रनौत के बयानों को लेकर भाजपा पर तीखा प्रहार किया है।

राजेंद्र ने कहा कि फिल्मों में डायलॉग बोलने वाली कंगना रनौत इस समय राजनीति के डायलाग बोल रही है। इसकी पटकथा और डायलाग महात्मा गांधी की हत्या करने वाले गोडसे के वंशजों द्वारा लिखी है।

देशवासियों को ऐसा लगने लगा है कि क्या भाजपा सरकार ने देश के अमर शहीदों का अपमान करने के लिए कंगना को पद्मश्री दिया है।

राजेंद्र ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित

भाजपा के सारे नेताओं ने कंगना के बयानों पर मौन

साधकर साबित कर दिया है कि वे कंगना के बयानों से सहमत हैं। भाजपा नेता अगर कंगना के बयानों से सहमत न होते तो कंगना अब तक जेल की सलाखों के पीछे जा चुकी होती। पदमश्री पुरस्कार कंगना से छीना जा चुका होता।

राजेंद्र ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश के अनगिनत अमर बलिदानियों ने आजादी के लिए अपना सर्वस्व निछावर कर दिया।

यह दुर्भाग्य है कि कंगना रनौत महात्मा गांधी को सत्ता का भूखा बता रही है।

सच ये है कि महात्मा गांधी ने देश को आजाद करने के लिये अपना समृद्ध जीवन त्याग दिया।

ऐसे बयान राष्ट्रपिता का अपमान है, समूचे देश का अपमान है। राजेंद्र ने कहा कि गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारकर सिर्फ देह की हत्या की थी, लेकिन उनके विचारों को आज तक कोई खत्म नहीं कर पाया।

महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों को पूरी दुनिया ने आत्मसात कर लिया। ऐसे बयानों से आखिर भाजपा को किस ओर ले जाना चाहती है?

राजेंद्र ने कहा कि लाखों शहीदों के बलिदान से देश आजाद हुआ है। देश की जनता अमर बलिदानियों का

अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी।

कंगना और डायलाग
लिखने वाले अच्छी तरह समझ लें कि अंग्रेजों भारत
छोड़ो का आंदोलन बापू ने ही दिया था। उन्होंने अहिंसा
के मार्ग पर चलकर आंदोलन किया।

देशवासियों के साथ.सत्याग्रह किया। आंदोलनकारियों के साथ महीनों तक जेल में रहे। त्याग और बलिदान से आजादी हासिल की।

महात्मा गांधी ने आजादी की भीख नहीं मांगी, अंग्रेजों से
आजादी छीनकर हासिल की थी।

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