Raipur

मृतक किसान स्व धनीराम को एसडीएम रिपोर्ट में नशेड़ी बताना अन्नदाताओं का अपमान – अमित जोगी

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रायपुर। कोंडागांव जिले के अंतर्गत माँगरपुरी ग्राम के किसान धनीराम ने धान खरीदी में अनियमितता के कारण विगत दिनांक 2 दिसंबर 2020 को आत्महत्या कर लिया था। इस सम्बंध में एसडीएम और तहसीलदार के विरोधाभाष रिपोर्ट को मीडिया के सामने रखते हुए तथा मृतक किसान स्व धनीराम के आत्महत्या मामले में सरकार को घेरते हुए जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित जोगी ने कहा कि पिछले वर्ष धनीराम ने 100 क्विंटल धान बेचा था इस वर्ष पटवारी को रिश्वत नहीं देने पर उसने धान का रकबा 100 क्विंटल से 11 क्विंटल कर दिया और अंततः सरकार से न्याय नहीं मिलने पर धनीराम ने खुदकुशी कर ली जिसके लिए काँग्रेस सरकार जिम्मेदार है।

अमित जोगी ने कहा हमारी पार्टी के कोंडागांव जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जांच दल का गठन किया गया, वहीं सरकार द्वारा एसडीएम से जांच कराई गई।

एसडीएम ने जो जांच रिपोर्ट पेश की उसके प्रमुख अंश :-

मृतक धनीराम के पुत्र की मृत्यु 2 वर्ष पूर्व हो गई थी, जिसके संबंध में मृतक की पत्नी सुमित्रा बाई और उसकी दो बेटियां कमलेश्वरी और लीलेश्वरी ने बताया एसडीएम के हवाले से उक्त घटना से मृतक अवसादग्रस्त था और मानसिक रूप से व्यथित होकर शराब का सेवन करने लगा था, जिसके कारण उसने आत्महत्या की जबकि मृतक धनीराम के बेटे की मृत्यु 4 साल पहले हुई है और एसडीएम के अनुसार उसकी मृत्यु 2 वर्ष पहले हुई है जबकि उनकी मृतक धनीराम की पत्नी का कहना है कि हमने कभी ऐसा एसडीएम को नहीं बताया।

अमित जोगी ने कहा सरकार अपनी नाकामियों और गलती पर पर्दा डालते हुए असमय जान गंवाने वाले मृतक किसान धनीराम को नशेड़ी बताकर अन्नदाताओं किसान का अपमान कर रही है।

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अमित जोगी ने कहा इसी संबंध में तहसीलदार की रिपोर्ट बनी जिसमें तहसीलदार ने बताया कि धनीराम द्वारा लगभग 7 एकड़ भूमि पर धान बोया गया था लेकिन त्रुटिवश उसकी प्रविष्टि 0.7 एकड़ जमीन हो गई है और 11 क्विंटल का टोकन मिला। मृतक धनीराम द्वारा प्रशासन को इसकी सूचना नहीं गई जबकि धनीराम ने इसकी शिकायत समिति प्रबंधक से, पटवारी से, तहसीलदार से, सम्बंधित अधिकारी से की थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई , लापरवाही सरकार करे और दोषी किसान पर मढ़े।

अमित जोगी ने कहा जब हमने 14 दिसम्बर 2020 को कलेक्टरेट का घेराव किया उस समय पटवारी को निलंबित कर दिया गया और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और ये बताया गया कि ऐसी घटना न हो इसके लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया।

अमित जोगी ने कहा सरकार ने मृतक की हेल्प नहीं की बल्कि हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया।

अमित जोगी ने कहा 9 फरवरी 2021 से लेकर लगातार 16 फरवरी 2021 तक मृतक धनीराम का परिवार कोंडागांव बस स्टैंड में न्याय के लिए आमरण अनशन किया, एक अनाज का दाना तक ग्रहण नहीं किया। हमारी पार्टी के अध्यक्ष और कार्यकर्ता भी उनके साथ अनशन पर बैठे लेकिन 7 दिन तक सरकार ने कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही सरकार को कोई दया आई तब मुझे गुजारिश करनी पड़ी कि अब और अपने को ज्यादा कष्ट न दे।

अमित जोगी ने काँग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री मोहन मरकाम पर आरोप लगाते हुए कहा उस क्षेत्र के विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने एक बार भी मृतक धनीराम के परिवार से न मिले और न ही उनकी सुध ली जबकि धनीराम मुरिया गोंड समाज के थे और मोहन मरकाम भी इसी समाज से आते हैं राजनीति न सही श्री मरकाम सामाजिक तौर पर भी सहानुभूति प्रकट नहीं किये जो कि उनके आदिवासी समाज के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।

अमित जोगी ने कहा एक तरफ श्री मोहन मरकाम ट्रैक्टर रैली करते हैं और सीएम भूपेश बघेल ने कोंडागांव में किसान सम्मेलन करते है जिस कारण शहर में ट्रैफिक जाम हो जाता है और उस दौरान ट्रैफिक में जाम एम्बुलेंस में सवार एक गर्भवती महिला की मृत्यु हो गई जो सबसे ज्यादा चिंता का विषय है जो सरकार की जनविरोधी कार्यप्रणाली का एक बड़ा उदाहरण है।

अमित जोगी ने कहा सरकार कर्जमाफी की बात करती है मृतक किसान धनीराम के किसान क्रेडिट कार्ड और पासबुक के अनुसार 9 जुलाई 2020 को उनको 61 हजार 932 रुपए कर्जा दर्शाया गया और कर्जा चुकाने के नोटिस भी दिया गया था इस प्रकार सरकार के कर्जमाफी बात बेतुकी है।

अमित जोगी ने कहा मृतक किसान स्व धनीराम ने 2 दिसंबर 2020 को खुदकुशी की तो उनके सामाजिक कार्यक्रम के लिए उनकी पत्नी सुमित्रा मरकाम ने अपने घर के धान को बिचौलियों को 1200 में बेच दिया। जबकि धान का समर्थन मूल्य सरकार के द्वारा 2500 प्रति क्विंटल रुपए है इसके बाद भी सरकार गहरी नींद में सोई हुई है जिसे मृतक किसान धनीराम के परिवार की कोई चिंता नहीं है जिससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ जाता है।

अमित जोगी में कहा लगभग 1 हजार किसानों ने अपनी परेशानियों को लेकर राजभवन में ज्ञापन दिया है लेकिन इनकी कोई सुनवाई ही नहीं हुई है अगर धनीराम मामले की जांच हमारे जिलाध्यक्ष नरेंद्र नेताम नहीं करते तो उनका भी मामला दब जाता।

अमित जोगी ने कहा भारत सरकार की एक योजना है, जिसके द्वारा किसी गरीब परिवार में किसी की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो उसको तत्काल 25 हजार की सहायता राशि दी जाती है जो धनीराम के परिवार को नहीं मिला।

अमित जोगी ने कहा धनीराम के परिवार का कार्ड अंत्योदय कार्ड है मतलब गरीब से गरीब की श्रेणी में इसका परिवार आता है, स्व धनीराम वाले मामले को हम आगामी विधानसभा सत्र में उठाएंगे। हम सरकार से यह मांग करते हैं कि स्व. धनीराम की दो बेटियों कमलेश्वरी और लिलेश्वरी को नौकरी दिया जाए।

अमित जोगी ने कहा मैंने अपनी तरफ से 2 महीने की विधायक पेंशन राशि 1 लाख दोनों बेटियों को देने का ऐलान किया है और ये चेक मैं श्रीमति सुमित्रा मरकाम जो स्व. धनीराम की पत्नी है उनको सौंप रहा हूँ।

अमित जोगी ने कहा सरकार ने 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का दावा किया मैं इसे सही भी मानता हूं लेकिन सरकार ने बिचौलियों से ये धान खरीदे हैं, क्योंकि रबी फसल लगाने के लिए किसानों को पैसे की जरूरत पड़ती है और सरकार द्वारा धान खरीदी एक महीने देर से चालू की गई, जिसके कारण किसानों से अपने धान को बिचौलियों को 1200 क्विंटल के भाव में बेचा और बिचौलियों ने अपने धान को 2500 क्विंटल के भाव में बेचा। इस प्रकार से सरकार ने 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। किसानों को इस बार समितियों द्वारा बारदाना भी नहीं मिला। सरकार द्वारा नहीं दिया गया, जिसके कारण किसानों को 10-12 रुपए पड़ने वाला बोरा 40 रुपए प्रति नग पड़ा। इसमें भी सरकार ने बड़ा घोटाला किया है। इसलिए मैं कह सकता हूँ सरकार ने किसान के नाम पर बिचौलियों का धान खरीदा है। क्योंकि किसान ने अपना धान केवल 1200 रुपए क्विंटल में बेचा है। सुमित्रा बाई के हाथ में 1200 आया और 2500 रुपए जिसको उसने बेचा उसके हाथ में आया। इस कारण इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। सरकार खुद मान रही है कि धनीराम हर साल 7 एकड़ का धान बेचता था तो इस साल सरकार ने ऐसी क्या त्रुटि की कि उसके धान के रकबे को एक एकड़ कर दिया गया ? जिससे हताश होकर धनीराम को फांसी लो गले लगाना पड़ा।

अमित जोगी ने कहा मैं आप पत्रकार लोगों के माध्यम से आग्रह करता हूँ कि मृतक धनीराम के दोषियों पर कार्रवाई हो। दूसरी बात उनकी दोनों बेटियों को सरकार नौकरी दे। तीसरी बात सरकार धनीराम के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए। इस मामले को हम विधानसभा में ध्यानाकर्षण और स्थगन के माध्यम स रखेंगे और साथ ही प्रदेश के हर किसानों को न्याय दिलाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

अमित जोगी ने कहा आज मैं एक और महत्वपूर्ण घोषणा कर रहा हूँ कि सरकार के दो साल का कार्यकाल पूर्ण हो गया है जिस कारण सरकार के कामकाज का विस्तार पूर्वक विश्लेषण होना चाहिए। हमारे गठबंधन को 7 सीटें मिली थी फिलहाल अभी हमारी 6 विधायक हैं। विधानसभा के नियम 1/3 नियम के अनुसार 10% विधायक सरकार के मंत्रीपरिषद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं। इसके लिए मैं 3 लाइन की व्हिप जारी कर रहा हूँ कि हमारे द्वारा सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। राज्य के प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के विधायक भी इसमें साथ दें इस प्रस्ताव का समर्थन करें क्योंकि विधानसभा में यही एक ऐसा शस्त्र है जिसमें आप एक-एक विषय पर गहन चर्चा कर सकते हैं।

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