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शहर में दुर्गा विसर्जन शोभायात्रा गाजे बाजे,डीजे साउंड व आतिशबाजी के साथ निकाली गई

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बालोद-राजदशहरा मनाने के बाद सोमवार को शहर में दुर्गा विसर्जन शोभायात्रा गाजे बाजे,डीजे साउंड व आतिशबाजी के साथ निकाली गई, जितने भी शहर में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी उनका एक साथ रैली निकालकर शहर के गंगासागर तालाब, दसेला तालाब और अन्य तालाबों में विसर्जन का दौर चलता रहा। सुबह से शाम और देर रात तक विसर्जन में लाखों भक्त जुटे माता के जयकारे सेवा गीत के साथ दुर्गा माता को अंतिम विदाई दी गई और कामना की गई कि अगले नवरात्रि भी जल्द आए और दोबारा लोग मां की आराधना में जुड़े जाए।

ट्रैफिक जाम की बनी स्थिति

शहर में जब एक साथ कई दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन शोभायात्रा निकली, तो कुछ जगहों पर जहां सड़क संकरी है। वहां ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनती नजर आई। हालांकि एसपी जितेंद्र सिंह मीणा के दिशा-निर्देशन में यातायात व बालोद पुलिस की स्थानीय टीम व्यवस्था सुधारने में भी जुटी रही। भक्तों की भीड़ को देखते हुए कुछ देर के लिए रूट को डाइवर्ट भी किया गया था। एक-एक करके सभी मूर्तियां गंगासागर तालाब पहुंचने लगी और विसर्जन का दौर चलता रहा। गोताखोर भी रहे तैनात विसर्जन के दौरान कोई हादसा ना हो इसलिए पुलिस विभाग की ओर से नगर सैनिक और गोताखोर की टीम को भी तैनात किया गया था ताकि भक्तों की मदद की जा सके। हालांकि किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई और आयोजकों ने पूरी सावधानी के साथ मां दुर्गा की बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन किया।

कोरोना काल मे इस वर्ष नही बटा पोहा और प्रसाद

कोरोना वायरस के चलते इस वर्ष शहर के चौक चौराहे में पोहा और प्रसाद नही बाटा गया।बता दे पिछले वर्ष शहर के कचहरी चौक, जयस्तंभ चौक, मधु चौक सहित अन्य चौक चौराहों पर इस विसर्जन शोभायात्रा में शामिल श्रद्घालुओं को पोहा और प्रसाद सहित अन्य चीजों का वितरण किया जाता था।शहर के अलग अलग धार्मिक संगठनों के लोगों द्वारा को पानी बांटा जाता था । युवाओं की टीम ने अलग-अलग स्टाल लगाकर श्रद्घालुओं का उत्साह बढ़ाया जाता था। लेकिन इस बार शहर में ऐसा कोई आयोजन नही किया जिसके कारण श्रद्धालुओं को निराश होना पड़ा। कई समितियों ने झांकियों के साथ मां दुर्गा को विदाई दी। सेवा गीत के साथ देगा की अगुवाई में माता को विदाई देने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। गौरतलब है कि बालोद में राज दशहरा के बाद ही दुर्गा विसर्जन होता है। भले ही इक्का-दुक्का प्रतिमाएं दुर्गा नवमी के दिन विसर्जित कर दी जाती है लेकिन अधिकतर प्रतिमा के दूसरे दिन ही विसर्जित की जाती है और इसी रिवाज को अपनाते हुए सोमवार को शहर के सभी दुर्गा विसर्जन का दौर चला।

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माता की भक्ति में लीन होकर झूपने लगे दर्जनों भक्त

शहर के दर्जन भर से अधिक दुर्गा पंडालों में स्थापित माँ दुर्गा की प्रतिमा प्रतिमा को ट्रकों में स्थापित किया गया। ट्रकों के आगे डांग-डोरी व पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ माता सेवा मंडली द्वारा सेवा गीत गया जा रहा था,वही दर्जनों भक्त माता की भक्ति में लीन होकर झुपने लगे थे ,जिसको ग्राम के बैगा द्वारा हुम् धूप देकर शांत कराया गया।ऐसे कई भक्तो ने माँ दुर्गा के सामने झुपते हुए तलाब तक जा पहुचे जहा उन्हें भी शांत कराया गया।ग्राम में माँ दुर्गा की प्रतिमा को भ्रमण करवाने के बाद जयकारा लगाते हुए तालाब पहुंचकर पंडित द्वारा मंत्रोउच्चारण कर विधि विधान व् आरती के साथ विसर्जन किया गया।

Balram Gupta

कार्यालय ब्यूरो बालोद जिला बलराम गुप्ता iDP 24 न्यूज़ Email - [email protected] Contact number- 9893932904 -पर्सनल 9425232904 -ऑफिस

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