Chattisgarh

बिजली दर की वृद्धि चौतरफा महंगाई को बढ़वा दे रही हैं- माकपा

छत्तीसगढ़ की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने विद्युत नियामक आयोग के द्वारा बिजली दर में निरंतर वृद्धि को लेकर विरोध करते हुए माकपा के राज्य सचिव संजय पराते ने कहा कि बिजली दर में वृद्धि को लेकर आम जनता के ऊपर 941 करोड़ रुपये का अतरिक्त बोझ डाला जा रहा है। सचिव का कहना है कि बिजली वितरण कंपनी पहले ही 2000 करोड़ रुपये के मुनाफे में है तो बिजली दर में वृद्धि कर जनता के ऊपर बोझ डालना अनैतिक है।

बिजली कंपनी पिछले कुछ वर्षों कुप्रबंध और भ्र्ष्टाचार की जो भी लागत होती है वो जनता से वसूलने के फिराक में रहती है जो कि राज्य सरकार  की जन विरोधी नीति के तरफ इशारा करती है। आयोग की बिजली दर में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 25 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि लाएगी। कृषि कार्य, खेती-किसानी और लघु उद्योग में उपयोग करने वाले बिजली में वृद्धि से राज्य के अर्थव्यवस्था में भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।

कोरोना संकट की वजह से राज्य की गरीब जनता के रोजमर्रा के खाने-पीने एवं सवास्थ्य की सुविधा समय से उपलब्ध नही करा पा रही और बिजली दर में वृद्धि कर आम जनता के जले में नमक छिड़क रही है। माकपा ने बताया कि आम जनता को लामबंद करके इस हमले का मुक़ाबला किया जाएगा तथा 9 अगस्त के देशव्यापी आंदोलन में प्रदेश स्तर पर इस वृद्धि का विरोध किया जाएगा।

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