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दिल्ली में जबरदस्त हंगामा ट्रेक्टर मार्च निकालने में अड़े किसान बिगड़ने लगी स्थिति

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किसानों ने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा है।केंद्र सरकार और किसानों के बीच हुई बातचीत हर बार बेनतीजा रही है।जिसके कारण किसानों ने आंदोलन को तेज करने और किसान ट्रेक्टर मार्च निकालने की चेतावनी दी थी।अब दिल्ली ने किसानों द्वारा दी गयी चेतावनी हकीकत में बदल गयी है।और किसान मार्च निकालने
से स्थिति बिगड़ने लगी है।और दिल्ली में जबरदस्त हंगामें की स्तिथि बनी हुई है। किसानों ने कहा था कि उनका ट्रैक्टर मार्च राजपथ पर गणतंत्र दिवस की परेड खत्म होने के बाद 11 बजे शुरू होगा, लेकिन किसान पहले ही ट्रैक्टर मार्च निकालने पर अड़ गए।जिसके बाद स्थिति बिगड़ने लगी।


दिल्ली के आईटीओ रेड लाइट पर किसानों का हुड़दंग जारी है। बीच चौराहे पर तेज रफ्तार से ट्रैक्टर चलाए जा रहे हैं।प्रदर्शकारियों ने पुलिस पर भी ट्रैक्टर चलाने की कोशिश की।कुछ प्रदर्शनकारी मुंह पर कपड़ा बांधकर पुलिस पर पथराव कर कर रहे हैं।प्रदर्शनकारी किसान अब दिल्ली के लाल किले पहुंच चुके हैं। वहीं आईटीओ के पास पुलिस और किसान आमने सामने आ गए हैं।प्रदर्शनकारी किसान पुलिसकर्मियों पर पथराव कर रहे हैं।जवाब में पुलिस भी आंसू गैस के गोले छोड़ रहे हैं।किसानों की ट्रैक्टर रैली पर यूपी के ADG प्रशांत कुमार ने कहा,अभी तक पूरे उत्तर प्रदेश में सब कुछ सकुशल चल रहा है।सभी लोग हमारे किसानों से लगातार वार्ता कर रहे हैं।अभी तक शांति है।उत्तर प्रदेश में कहीं भी लाठीचार्ज नहीं किया गया है।ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ जगह पर हिंसा के चलते डीएमआरसी ने कुछ मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट दोनों गेट बंद किए।ये स्टेशन हैं- समयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, आजादपुर, आदर्श नगर, जीटीबी नगर, विश्वविद्यालय, विधानसभा, सिविल लाइन्स।

पुलिस लगातार किसानों को समझा रही है कि अपने तय रूट पर मार्च निकाले, लेकिन किसान नहीं मान रहे हैं. किसान लगातार आगे दिल्ली की ओर बढ़ते ही जा रहे हैं।सीमेंट से बने ब्लॉक्स तक उन्होंने तोड़ दिए।कहीं कहीं पर पुलिस सड़क पर बैठ गई है और किसानों से कह दिया है कि अगर उन्हें आगे बढ़ना है तो उन्हें उनके ऊपर से होकर गुजरना होगा।
किसान नेता का बयान किसान नेता कक्काजी ने कहा, “पुलिस को हमें तय रास्ते पर जाने देना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने हमें रोके रखा।जब प्रशासन अपनी बात पर अडिग नहीं रही, तो किसानों को भी थोड़ा रास्ता बदलना पड़ा।प्रशासन हमें लाइनअप नहीं करने दे रहा था।तो किसानों को तय समय से पहले आगे बढ़ना पड़ा. हम स्थिति कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं. कोई वारदात नहीं होगी, सबकुछ काबू में है।

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