National

Jammu Kashmir: मारे गए जैश कमांडर के फोन से मिले अहम सबूत, कुछ बड़ा करने का था प्लान

भारतीय खुफिया एजेंसियां, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मारे गए आतंकी मुहम्मद इस्माइल अल्वी उर्फ लम्बू के पास से बरामद किए गए तीन आईफोन की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं, ताकि उन लिंक का पता लगाया जा सके जो आतंकवादी का जैश-ए मोहम्मद (JeM) के बहावलपुर स्थित मुख्यालय से था और जम्मू और घाटी में समूह के ओवरग्राउंड वर्कर था.

अंग्रेजी अखाबर ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के मुताबिक 31 जुलाई को मेजर जनरल राशिम बाली के नेतृत्व में विक्टर फोर्स ने पुलवामा के त्राल के हंगलमर्ग जंगल क्षेत्र में आतंकवादियों के ठिकाने पर विशेष बलों का इस्तेमाल करते हुए जवाबी कार्रवाई की. मुठभेड़ की जगह से एक यूएस एम-4 असॉल्ट राइफल, एक एके-47, एक ग्लॉक पिस्टल और एक पिस्टल समेत हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया.

इस्माइल अल्वी और समीर डार पुलवामा हमले के मुख्य अपराधी

ये पूरी कार्रवाई योग्य खुफिया सूचनाओं के आधार पर पूरा ऑपरेशन केवल सात मिनट में समाप्त हो गया था और दोनों आतंकवादियों को मार गिराया गया था. इस्माइल अल्वी और समीर डार (मारे गए अन्य आतंकवादी) 2019 के पुलवामा हमले के मुख्य अपराधी थे. सुरक्षाबलों के मुताबिक ग्लोबल आतंकी सरगना मसूद अजहर से खून का रिश्ता रखने वाले इस्माइल अल्वी लगातार अपने छोटे भाई मुफ्ती अब्दुल रऊफ अजहर के संपर्क में था, जिसे भारतीय सुरक्षा एजेंसिया ‘मारा’ कोडनेम से बुलाती हैं.

आईफोन का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है, लेकिन शुरुआती फोरेंसिक स्कैनिंग से पता चला है कि अल्वी ‘मारा’ और जैश-ए मोहम्मद के दूसरे बड़े आतंकवादियों के संपर्क में था. भारत के खिलाफ आतंकी हमलों में शामिल मसूद अजहर अपने पूरे परिवार के साथ बहावलपुर में एक आतंकी साम्राज्य चलाता है. संयुक्त राष्ट्र की तरफ से ग्लोबल आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद मसूद अजहर अपने साथियों के साथ सीधे संवाद नहीं करता है, उसका छोटा भाई रऊफ अजहर पाकिस्तान में स्थित इस आतंकी संगठन के पूरे ऑपरेशन को संभालता है.

Harish Jaiswal desk Reporter

desk reporter at IDP24News.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Contact Us