ChhattisgarhPoliticalRaipurUncategorized

युवक कांग्रेसी आशीष शिंदे की गुंडागर्दी से रात भर दहशत में रहा अग्रवाल परिवार, पुलिस ने भी दिया गुंडों का साथ

रायपुर। आधी रात फिल्मी स्टाइल में चलती गाड़ियों से व्यवसायी परिवार की कार पर धरसींवा से रायपुर तक 35 किलोमीटर के रास्ते तलवारें व लाठियां लहराई गयी। वैसे ये बात उतनी अचंभित नही है क्योंकि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से छूटपुटिये कांग्रेसी नेताओं के ऐसे आपराधिक कारनामे आम बात हो गयी है। जो पूरी तरह मुख्यमंत्री के शासन में पलीता लगाने के लिए काफी है।

Related Articles

सूत्रों के अनुसार महासमुंद में रवि चोरहा के नाम से मशहूर जो जुर्म जगत से जुड़ा हुआ है! वो रायपुर में शिफ्ट होने के बाद आशीष शिंदे के नाम से जाना जाता है? जिसके कार में हर समय घातक हथियार होते हैं! हैरानी की बात तो ये है कि अपराधिक घटनाओं में अंकुश लगाने के लिए हर गाड़ियों की चेकिंग करने की बात कहने वाले छत्तीसगढ़ के पुलिस आज तक आशीष शिंदे के हथियारों को पकड़ना तो दूर उन पर हाथ भी नहीं डाल पाई है। और कहीं ना कहीं इसके पीछे का कारण आशीष शिंदे द्वारा कुछ बिकाऊ पुलिस को पैसा खिलाना भी है।

एक ओर जहां छत्तीसगढ़ पुलिस हथियार लहराने वालों को गिरफ्तार कर उन्हें सबक सिखाने के लिए सलाखों के पीछे भेजती है तो वहीं शिंदे की ब्लेक फ़िल्म वाली एसयूवी पर राजधानी की ट्रैफिक पुलिस कार्यवाई नही करती।

बता दें घटना 12 फरवरी की है जब शांति नगर रायपुर निवासी व्यवसायी मनोज अग्रवाल अपनी सुपुत्री का विवाह संपन्न करवाकर 12 फरवरी की रात अंबिकापुर से रायपुर लौट रहे थे।मनोज अग्रवाल के साथ अलग अलग वाहनों में उनके परिवार के अन्य लोग भी थे लेकिन उनके बीच आधे घँटे का फासला था।मनोज अग्रवाल के साथ उनके सुपुत्र मयंक अग्रवाल व परिवार की महिलाएं बच्चे थे।सिमगा के करीब एक स्कॉर्पियो वाहन CG10 AG 6999 जो बिलासपुर से रायपुर की ओर तेज़ गति से आ रहा था ने मनोज की कार को ठोकने का प्रयास किया मनोज उस वाहन से बचने के प्रयास में डिवाइडर से टकराते बाल बाल बचे।इसके बाद मनोज ने उक्त स्कॉर्पियो वाहन का पीछा किया इस दौरान दो बार और इनके बीच भिंड़त होते होते बची।इस बीच स्कॉर्पियो चालक ने एक जगह गाड़ी रोक दी।

शराब के नशे में धुत्त लक्की गायकवाड़ ने ड्राइविंग सीट से उतरकर मनोज के साथ गाली गलौच की और आगे देख लेने की धमकी देते हुए अपने साले आशीष शिंदे को तुरन्त आने कहा।

महज 25 मिनट में मनोज अग्रवाल की कार जैसे ही तारपोंगी टोल टैक्स बैरियर पहुंची वहां पहले से मौजूद आशीष शिंदे तथा गोपाल कश्यप नामक युवक ने टोल टैक्स पर मनोज अग्रवाल की कार को रोका और उसे अपशब्द कहे। मनोज अग्रवाल को लगा कि बेरियर से जुड़े लोग हैं और किसी भी प्रकार की घटना कर सकते हैं मनोज चुपचाप उनकी बात मानकर तब तक रुके रहे जब तक कि स्कॉर्पियो बेरियर पर नही पहुच गई।

स्कॉर्पियो के बेरियर में पहुचते ही बिलासपुर चाँटापारा निवासी जमीन कारोबारी लक्की गायकवाड़ लड़खड़ाते हुए उतरा और अपने साले आशीष से बोला कि यही लोग हैं मारों सालों को.. इसके बाद आशीष शिंदे व गोपाल कश्यप और लक्की तथा गाड़ी में पीछे सीट पर बैठे उसके ड्राइवर ने मिलकर मनोज और मयंक की पिटाई शुरू कर दी।गुंडई के बाद मनोज धरसींवा थाने गए,लक्की गायकवाड तथा आशीष शिंदे गोपाल कश्यप व अन्य के खिलाफ उन्होंने मारपीट और सोने की चैन व नगदी की लूट की रिपोर्ट लिखाने का प्रयास किया लेकिन थाने में मौजूद किसी देवांगन नाम के रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात अफसर ने शिंदे के खिलाफ मनोज अग्रवाल की शिकायत लेने से साफ इनकार कर दिया।

थक हार कर मनोज थाने से रायपुर की ओर रवाना हुए लेकिन इस बीच तीन चार वाहनों में सवार गुंडे पीछे लग गए और आशीष उसके जीजा लक्की के साथ 3 अन्य वाहनों में रायपुर से पहुचे युवकों ने मिलकर पूरे रास्ते उन्हें कार की खिड़की से तलवार लहराते हुए रायपुर पहुंचने पर अंजाम भुगतने की धमकियां देने लगे। इनसे बचते बचाते मनोज खमतराई थाने में रुके। जिसके बाद मनोज अग्रवाल ने खमतराई थाने में अपनी आप बीती बताई। उसके बाद खमतराई थाने के द्वारा एक पेट्रोलिंग उनके साथ भेजी गयी और इस तरह वे वापस पुलिस की सुरक्षा में धरसींवा पहुंचे और धरसीवा में रिपोर्ट लिखाने के लिए अड़ जाते हैं ।

सूत्रों के मुताबिक काउंटर रिपोर्ट का डर बना कर व्यवसायी को रिपोर्ट करने से रोकने के लिए धरसींवा पुलिस ने एडी चोटी का जोर लगाया और व्यवसायी पर आशीष शिंदे के खिलाफ रिपोर्ट नही लिखने का दबाव भी बनाया।

इसके बावजूद भी जब व्यवसाय खड़ा रहा तो पुलिस उनकी रिपोर्ट तो लिखती है लेकिन साथ में काउंटर रिपोर्ट भी दर्ज करती है।मनोज मुलाहिजा को कहते है पुलिस मुलाहिजा से इंकार कर देती है।लूट और तलवारबाजी को लेकर पुलिस के द्वारा कार्रवाई नहीं करने को लेकर व्यवसायिक दुखी हो कर रायपुर आ गए।

जिसके बाद मनोज अग्रवाल एसएसपी से मुलाकात करने पहुंचे लेकिन शनिवार होने की वजह से एसएसपी से उनकी भेंट नही हो पाई लेकिन व्यवसायी ने एसएसपी को मेल कर अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी। फिलहाल व्यवसायी परिवार मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने का प्रयास कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार अग्रवाल कुनबे द्वारा बचाव में की गई पिटाई में आशीष शिंदे की नाक व शरीर मे बेल्ट से की गई पिटाई के निशान स्पष्ट दिख रहे हैं।आशीष शिंदे रायपुर उत्तर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष है,स्थानीय विधायक का समर्थक है।सूत्रों के अनुसार रायपुर में उसकी छवि भूमाफिया की है।

ऐसा बताया जाता है कि लोगो से की गई करोड़ो की धोखाधड़ी के चलते पिटाई से बचने उसने पंडरी इलाके में आपराधिक प्रवित्ति के युवको की अलग अलग कई गैंग खड़ी कर रखी है साथ ही पुलिस व प्रेस से उसने साम दाम के साथ बहुत ही मधुर सम्बंध बनाये है।यह शिंदे का प्रभाव ही है कि परसो रात की दहशत गर्दी से संबंधित इस बड़ी घटना की खबर किसी भी बड़े अखबार में नहीं छपी है। पीड़ित परिवार परसो देर रात से अब तक न्याय की गुहार लगाते घूम रहा है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!