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नागालैंड में जब तक वैक्सीन नहीं तब तक सैलरी नहीं, सरकार के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक

महामारी के मद्देनजर संक्रमण के मामलों में कमी आने पर देश के कई राज्यों में स्कूल खोले जा चुके हैं। नागालैंड भी इस मुहिम में शामिल है, राज्य सरकार द्वारा स्कूल खुलने से पहले सभी टीचिंग और नाॅन-टीचिंग स्टाफ को वैक्सीन लगवाने का आदेश दिया था, और ऐसा न करने पर सैलरी रोकने की बात कही थी। वहीं गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के इस आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से अपने नियमों में बदलाव करने को कहा है।

जानकारी के लिए आपको बतादें कि नागालैंड में कोरोना संक्रमण अब न के बराबर देखने को मिल रहे हैं, जिस बीच राज्य में स्कूल खोले जाने की मुहिम तेज हो गई है लेकिन स्कूल खोले जाने से पहले राज्य सरकार ने गाइडलाइन भी जारी की थी, जिसके मद्देनजर स्कूल में प्रवेश करने वाले सभी स्टाफ को वैक्सीन की दोनो डोज लगना जरूरी कहा गया था और अगर एक ही डोज़ लगाई गई है तो उन्हें हर 15 दिन में नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक अगर ऐसा नहीं होता है तो कर्मचारी की सैलरी रोकी या काट ली जाएगी।

हाईकोर्ट ने लगाया सरकार की गाइडलाइन पर रोक

सरकार की इसी गाइडलाइन के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी, जिसके बाद से हाईकोर्ट ने इस गाइडलाइन पर स्टे लगा दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभी किसी के लिए भी वैक्सीन को अनिवार्य नहीं कर सकते हैं। हालांकि किसी भी व्यक्ति से ऐसा करने की अपील जरूर की जा सकती है लेकिन उन पर ये थोपा नहीं जा सकता। ऐसा मानते हुए कोर्ट ने सरकार से इस गाइडलाइन में बदलाव करने की बात कही है। बतादें कि वैक्सीन की अनिवार्यता को लेकर इससे पहले मेघालय हाईकोर्ट की ओर भी अहम टिप्पणी आ चुकी है, जहां अदालत ने वैक्सीन को अनिवार्य करना गलत बताया है।

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