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शिवसेना ने साधा निशाना, सामना में लिखी यह बात- राज्यपाल केंद्र की कठपुतली,अहंकार का आरोप लगाना बीजेपी को शोभा नहीं देता

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महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में सियासी घमासान जारी है।इस बार महाराष्ट्र सरकार का विपक्षी पार्टी और नेता प्रतिपक्ष को शिवसेना द्वारा शब्दों के तीखे प्रहार का सामना करना पड़ रहा है।बता दें महाराष्ट्र में राज्यपाल को सरकारी विमान की अनुमति न देकर महाराष्ट्र सरकार और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बीच शुरू हुआ विवाद जारी है।और इस विषय पर सबसे ज्यादा बीजेपी ने आलोचना की है।

महाराष्ट्र सरकार और राज्यपाल के बीच चल रहे विवाद और बीजेपी को करारा जवाब देते हुए शिवसेना ने शनिवार की संपादकीय में राज्यपाल पर निशाना साधा है। पार्टी के मुखपत्र सामना में ‘इस राज्यपाल का क्या किया जाए?’ शीर्षक से लिखी संपादकीय में कहा गया है कि राज्यपाल केंद्र की कठपुतली बन गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि राज्यपाल निजी कार्यक्रम के लिए विमान चाह रहे थे।ऐसा करने पर राज्यपाल खुद जाल में पांव फंसाकर बार-बार क्यों गिर रहे?

आगे सामना की संपादकीय में शिवसेना ने लिखा है कि कई महत्वपूर्ण पदों पर रहने के बावजूद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जितनी चर्चा में नहीं आये, उतनी चर्चा अब उनके राज्यपाल बनने के बाद हो रही है। शिवसेना ने लिखा है,’राज्यपाल को तो समझदार लोगों जैसा बर्ताव करना चाहिए, ऐसी मान्यता होने के बाद भी महाराष्ट्र के राज्यपाल जाल में पांव फंसाकर बार-बार क्यों गिर रहे हैं, ये सवाल ही है।’


शिवसेना ने लिखा है कि राज्यपाल को विमान नहीं देने के मुद्दे पर मुख्य विपक्षी पार्टी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रही है। राज्यपाल के कार्यालय ने विमान की अनुमति मांगी थी तथा एक दिन पहले ही सरकार द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद राजभवन ने राज्यपाल को विमान में ले जाकर बैठा दिया? ऐसी हठधर्मिता की वजह क्या है? राज्यपाल का यह दौरा निजी था इसलिए नियमत: सरकारी विमान का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। ऐसा अवगत कराने के बाद भी राज्यपाल विमान में बैठ गए।

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विमान की अनुमति की दी जानकारी
राज्यपाल को विमान की अनुमति न मिलने की वजह से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मची है।जिसके जवाब में महाराष्ट्र सरकार शिवसेना ने लिखा है, ‘राज्यपाल ही क्या मुख्यमंत्री को भी निजी इस्तेमाल के लिए सरकारी विमान के अनुमति की इजाजत नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने नियम का पालन ही किया। इसमें राज्यपाल से विवाद का सवाल ही कहां उठता है परंतु महाराष्ट्र के विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस इस विमान विवाद को अलग ही हवा में उड़ाने लगे हैं।’

बीजेपी पर शब्दों का प्रहार
दरसल महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं ने महाराष्ट्र सरकार को अहंकारी सरकार कहा था।जिस पर शिवसेना ने कहा अहंकार का आरोप लगाना भाजपा को शोभा नहीं देता शिवसेना ने आगे लिखा है,’राज्यपाल को विमान की सुविधा से मना किया यह सरकार का अहंकार है, ऐसी आलोचना फडणवीस ने की। भाजपा नेताओं के मुंह में अहंकार की भाषा शोभा नहीं देती। फिलहाल अहंकार की राजनीति कौन कर रहा है यह पूरा देश जानता है। गाजीपुर की सीमा पर 200 किसानों के प्राण त्यागने के बाद भी सरकार कृषि कानून से पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसे अहंकार नहीं कहा जाए तो क्या कहा जाए? सरकार ने राज्यपाल का अपमान किया।’ विपक्ष के नेता का ऐसा कहना थोड़ी ज्यादती है। उन्हें अपने संवैधानिक सलाहकारों से यह मुद्दा समझ लेना चाहिए। महाराष्ट्र के राज्यपाल सम्माननीय व्यक्ति हैं ही, परंतु वे जिस पद पर फिलहाल विराजमान हैं, उस पद की मान और प्रतिष्ठा बरकरार रखने की जिम्मेदारी उनकी भी उतनी ही है।

अभी महाराष्ट्र में इस विषय पर भारी राजनीति चल रही है।शिवसेना का करारा जवाब बीजेपी को मिल रहा है।और राज्यपाल को सरकारी विमान के उपयोग की जानकारी।

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