Raigarh

लाखों के गबन को लेकर साईओ और लिपिक को कोर्ट ने सुनाई सजा

रायगढ़ /एक स्थानीय अदालत ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जुर्माने सहित को चार साल और लिपिक को दो साल की सजा सुनाई है। रायगढ़ जिले के अपर लोक अभियोजक ए.के.श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पुसौर, जनपद पंचायत के सीईओ जी.पी.पाण्डेय को 1.60 लाख के जुर्माने सहित चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पाण्डेय पर फर्जी बिल के जरिए 10.65 लाख रुपए का गबन करने का आरोप था।सीईओ पाण्डेय समेत अदालत ने जनपद पंचायत, पुसौर के लिपिक, सुभाष चंद बारिक को दो साल के कठोर कारावास के साथ 60 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है। पाण्डेय और बारिक के अलावा मामले में तीसरे आरोपी भृत्य शवेत कुमार यादव को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद पंचायत, पुसौर के सीईओ पाण्डेय, लिपिक सुभाष चंद बारिक और भृत्य श्वेत कुमार यादव पर फर्जी बिलों के जरिए 77 ग्राम पंचायतों के नाम पर अगस्त 2014 में 10.65 लाख रुपए की पेंशन निकालकर गबन करने का आरोप था।उन्होंने बताया कि सीईओ पाण्डेय ने अप्रत्यक्ष रूप से गबन करने के लिए भृत्य श्वेत कुमार यादव के नाम पर स्टेशनरी, फोटोकॉपी, माइक के भुगतान को लिए 5.83 लाख रुपए का चेक जारी किया था। जबकि सुभाष चंद के नाम पर टैंट के लिए 4.82 लाख रुपए का चेक जारी किया था। बाद में जांच में पाया गया कि 77 ग्राम पंचायतों में न कोई शिविर आयोजित किया गया था, न ही ग्राम पंचायतों के सचिवों को पेंशन की कोई राशि दी गई थी और ना ही कोई सामान खरीदा गया था।श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले की शिकायत रमेश कुमार थवाईत ने की थी जिसके बाद कार्रवाई हुई। राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की विस्तृत जांच कर तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) (सी), 13 (2) और भादवि की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी के तहत विशेष अदालत में नवंबर 2017 को अभियोग पत्र पेश किया

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