ChattisgarhNational

अधिमान्यता के पीछे चल रहा बड़ा घोटाला पत्रकारों अधिमान्यता देने में चला रहे मनमर्जी

अधिमान्यता रखने वाले पत्रकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।जो लायक है उन पर जमकर मनमर्जी चलाई जा रही है।जबकि अधिमान्यता के लिए सक्षम पत्रकार के बात पूरे दस्तावेज होते हुए भी उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।बता दें जनसंपर्क के संभागीय कार्यालय मे कई माह से अपीलीय अधिकारी नहीं है।ऐसा होने के कारण जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम अपील प्रस्तुत नहीं की जा सकती।इस विभाग के मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री हैं। विभाग में पत्रकारों को अधिमान्यता देने संबंध मामलों में जमकर मनमर्जी होती है।2005 में आवेदक नेअधिमान्यता प्राप्त करने के लिए पेश किए गए आवेदन पत्र साथ में संलग्न दस्तावेज की प्रमाणित प्रतिलिपि दी जाए।किंतु आवेदक को जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।और यह कहा गया कि,यह मामला निजी श्रेणी में आता है।अब इस निर्णय के विरुद्ध आवेदक को प्रथम अपील प्रस्तुत करनी है। किंतु विभाग में संयुक्त संचालक का पद खाली पड़ा है।इससे सपष्ट हो जाता है,कि अधिमान्यता देने के पीछे किस प्रकार गड़बड़ी की जा रही है।

यहाँ बड़ा घोटाला किया जा रहा है।जो लायक है उन्हें नजरअंदाज और अन्य को ताज पहनाया जा रहा है।खबरों में काम करने वाले को समस्त कागज होने पर भी अधिमान्यता प्राप्त नहीं होती है । बंद पड़े अनियमित अखबार के संवाददाता को मुंगेली जिले से अधिमान्यता दी जाती है।और वह पत्रकार बिलासपुर में पत्रकारों की एक संस्था का पदाधिकारी भी बन जाता है किंतु ऐसी वास्तविक बातें कागजों पर प्रमाणित ना हो जाए।इसी कारण आवेदन पत्र और उसके साथ संलग्न दस्तावेज हो आरटीआई में नहीं देने के लिए कोशिश की जाती है। कई लोगों का तो यहां तक दावा है।कि गैर कानूनी गतिविधियों में संलग्न लोग भी आधिमान्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र देते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Contact Us