झूठी समिति बनाकर भ्रम फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) एवं डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़, सी.एन.आई. ने स्पष्ट किया है कि सहायक पंजीयक, फर्म एवं संस्थाएं, रायपुर द्वारा दिनांक 29.09.2025 को पारित आदेश (क्रमांक 511/1419/25) के अनुसार,
वर्ष 2022–2024 की समिति का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और 60 दिनों के भीतर संस्था के नियमों के अनुसार चुनाव कराने का निर्देश दिया गया है।

आदेश में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि पूर्व पदाधिकारियों को किसी भी प्रशासनिक अथवा चुनावी अधिकार प्रदान किए गए हैं।
“छत्तीसगढ़ डायोसिस बचाव एवं संयोजन समिति” फर्जी — संस्था ने किया खंडन
सचिव श्री नितीन लॉरेंस और चेयरपर्सन Rt. Rev. बिशप सुषमा कुमार ने बताया कि
हाल ही में कुछ पूर्व पदाधिकारी — शशि वाघे, अतुल आर्थर और उनके सहयोगियों ने “छत्तीसगढ़ डायोसिस बचाव एवं संयोजन समिति” नाम से एक फर्जी समिति का गठन दिखाकर पुलिस और स्कूलों को भ्रमित करने का प्रयास किया है।
इस समिति के नाम पर जारी पत्र न केवल भ्रामक हैं बल्कि पंजीकृत संस्था की गरिमा और कानून दोनों का उल्लंघन हैं।
CDBE ने स्पष्ट कहा
“डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने ऐसी किसी समिति का गठन नहीं किया है, न ही इन व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की अधिकृत जिम्मेदारी दी गई है।”
CDBE ने पुलिस में की औपचारिक शिकायत
इस फर्जीवाड़े और झूठे प्रचार के विरुद्ध, संस्था ने थाना सिविल लाइन, रायपुर को पत्र क्रमांक DOC/SEC/2025/182 दिनांक 04.10.2025 के माध्यम से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि कुछ पूर्व पदाधिकारी स्कूल परिसरों में जाकर कब्ज़ा या दखल देने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों में भय का वातावरण बन रहा है।
संस्था ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि
“किसी भी पूर्व पदाधिकारी द्वारा स्कूलों में अवैध प्रवेश, आदेश जारी करने या हस्तक्षेप करने की स्थिति में तुरंत आपराधिक कार्रवाई की जाए।”

वर्तमान वैध पदाधिकारी – डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ (CNI)
संस्था की पंजीकृत नियमावली (क्लॉज IV, सब-क्लॉज 4) के अनुसार,
डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ही CDBE की मदर बॉडी है और इसके वर्तमान वैध पदाधिकारी निम्नलिखित हैं:
Bishop / Chairperson: Rt. Rev. Sushma Kumar
Vice President: Rev. Sameer Franklin
Secretary: Mr. Nitin Lawrence
Treasurer: Mr. Jaydeep Robinson
इन्हीं पदाधिकारियों को संस्था के संचालन, निर्णय और चुनाव प्रक्रिया की संपूर्ण अधिकारिता प्राप्त है।
संस्था की अपील

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, प्राचार्यों, कर्मचारियों और अभिभावकों से अपील की है कि
“संस्था के नाम से जारी किसी भी पत्र या आदेश पर तब तक विश्वास न करें जब तक वह ‘डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़, सी.एन.आई.’ के वैध लेटरहेड और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा जारी न हो।”
संस्था ने यह भी चेतावनी दी है कि जो कोई भी व्यक्ति संस्था के नाम, सील, या लेटरहेड का दुरुपयोग करेगा,
उसके विरुद्ध BNS (Bharatiya Nyaya Sanhita) की प्रासंगिक धाराओं के तहत आपराधिक कार्यवाही की जाएगी।
सचिव श्री नितीन लॉरेंस ने कहा
“डायोसिस और बोर्ड शिक्षा, सत्य और सेवा के मूल्यों पर स्थापित हैं।
किसी भी व्यक्ति को संस्था की प्रतिष्ठा या नियमों से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
चेयरपर्सन Rt. Rev. सुषमा कुमार ने जोड़ा
“कानून और व्यवस्था के तहत कार्य करने वाले सभी विद्यालय सुरक्षित हैं।
झूठ और भ्रम फैलाने वालों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।”









