Chhattisgarh

UP Politics: अखिलेश यादव के दीपोत्सव बयान से मची हलचल, PDA और प्रजापति समाज पर फोकस

Akhilesh Yadav On Ayodhya Deepotsav: समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने अयोध्या दीपोत्सव पर दिए गए बयान से यूपी की सियासत में तहलका मचा दिया। शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “हर साल अयोध्या में दीयों पर करोड़ों रुपये क्यों खर्च किए जाते हैं? दुनिया में क्रिसमस पर शहर महीनों जगमगाते हैं, हमें उनसे सीखना चाहिए।”

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बयान वायरल होते ही बीजेपी नेताओं ने हमला बोल दिया। IT सेल हेड अमित मालवीय ने इसे हिंदू संस्कृति पर हमला बताया, जबकि सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि SP का राम मंदिर विरोध फिर उभर आया।

OBC वोटर और प्रजापति समाज पर असर

अखिलेश यादव ने बाद में ट्वीट कर स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 2027 में PDA सरकार प्रजापति समाज के करोड़ों के दीये खरीदेगी। उनका तर्क था कि आज की सरकार दूर से दीये मंगवा रही है, जिससे यूपी के कारीगरों का हक हरा। उन्होंने जोर देकर कहा — “दीया यूपी का हो, बाती यूपी की, तेल यूपी का और रोशनी भी यूपी की।”

प्रजापति समाज यूपी में करीब 3.47% आबादी का हिस्सा है। ये OBC वोटर ग्रामीण इलाकों में दीया-बर्तन बनाते हैं और विधानसभा चुनाव में ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभा सकते हैं। अखिलेश का यह बयान चुनावी रणनीति और स्थानीय कारीगरों को ध्यान में रखते हुए दिया गया माना जा रहा है।

दीपोत्सव का ग्रैंड इवेंट

इस बीच अयोध्या में दीपोत्सव धूम मचा रहा है। 56 घाटों पर 26 लाख दीये जलेंगे, 2100 वैदिक पंडित मंत्रोच्चार करेंगे, और 1100 ड्रोन से लाइट शो होगा। 33,000 वॉलंटियर तैनात रहेंगे। राम मंदिर के बाद यह इवेंट UNESCO का हिस्सा बन चुका है। अखिलेश यादव का फोकस स्थानीय कारीगरों को काम देने और प्रजापति समाज को खुश करने पर रहा।

Desk idp24

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