Chhattisgarh

आज का पंचांग : सोम प्रदोष व्रत और रवि योग का शुभ संयोग, जानें तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज 3 नवंबर 2025, सोमवार के दिन कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि है। इस तिथि पर भगवान शिव और कामदेव का शासन माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन नई किताबें लिखने, कर्मकांड, और नृत्य जैसे शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल है। आज सोम प्रदोष व्रत के साथ रवि योग भी बन रहा है, जिससे दिन का महत्व और बढ़ जाता है।

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3 नवंबर 2025 का पंचांग

  • विक्रम संवत: 2081
  • मास: कार्तिक
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • तिथि: त्रयोदशी
  • दिन: सोमवार
  • योग: हर्शन
  • नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा
  • करण: कौलव
  • चंद्र राशि: मीन
  • सूर्य राशि: तुला
  • सूर्योदय: सुबह 06:45 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:00 बजे
  • चंद्रोदय: दोपहर 03:54 बजे
  • चंद्रास्त: तड़के 04:57 बजे (4 नवंबर)
  • राहुकाल: 08:09 से 09:34 बजे
  • यमगंड: 10:58 से 12:22 बजे

आज का नक्षत्र और ग्रह स्थिति

आज चंद्रमा मीन राशि में और उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र में रहेंगे। यह नक्षत्र मीन राशि के 3°20’ से 16°40’ तक फैला हुआ है। इसके देवता अहिर्बुध्न्य (नाग देवता) हैं और इसके स्वामी ग्रह शनि हैं।

यह नक्षत्र भूमि खरीदने, भवन निर्माण, कुआं खोदने, विवाह, बीज बोने, मंदिर स्थापना और राज्याभिषेक जैसे कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।


आज के शुभ मुहूर्त और वर्जित समय

  • शुभ कार्यों के लिए उत्तम योग: रवि योग और हर्शन योग
  • वर्जित समय (राहुकाल): सुबह 08:09 से 09:34 बजे तक
  • यमगंड: 10:58 से 12:22 बजे
    इन अवधियों के दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।

आज का विशेष महत्व

सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। आज सोम प्रदोष व्रत के साथ रवि योग का मिलन एक अत्यंत शुभ संयोग बना रहा है। इस दिन शिवलिंग पर दूध, जल, और बेलपत्र चढ़ाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का संचार होता है।

Desk idp24

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