Chhattisgarh

हिडमा का खात्मा: 1 करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर का अंत, जानिए कौन था यह खूंखार आतंकवादी?

Hidma Killed: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर मंगलवार को सुरक्षाबलों और नक्सिलयों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई. आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम जिले के जंगलों में सुरक्षाबलों का सर्चिंग ऑपरेशन जारी है. इस मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए हैं. इन नक्सलियों में कैडर के बड़े लीडर्स के शामिल होने की खबर है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी कि नक्सली माडवी हिडमा मारा गया है.

हिडमा 27 हमलों में शामिल रहा
हिडमा का जन्म छत्तीसगढ़ के दक्षिण सुकमा के पुवार्ती गांव में साल 1981 में हुआ था. वह साल 1996 में नक्सली संगठन से जुड़ा. नक्सलियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PGLA) बटालियन-1 का हेड था. इसके साथ ही माओवादी स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) का सदस्य भी था. इसके साथ ही CPI की 21 सदस्यों वाली सेंट्रल कमेटी का सदस्य था. साल 2004 से अब तक 27 से अधिक हमलों में शामिल रहा.

इसमें साल 2013 का झीरम और 2021 का बीजापुर हमला भी शामिल था. साल 2017 के बुर्कापाल हमलों की साजिश भी हिड़मा ने ही रची थी. इस हमले में CRPF के 24 जवान शहीद हो गए थे. इसके अलावा दंतेवाड़ा हमले का नेतृत्व भी हिड़मा ने ही किया था, जिसमें CRPF के 76 जवान शहीद हो गए थे. 2019 में रावुला श्रीनिवास रमन्ना की मौत के बाद हिड़मा को नक्सलियों का कमांडर बना बनाया गया था.

सरकार ने रखा था एक करोड़ का इनाम
सरकार ने माडवी हिडमा पर एक करोड़ रुपये का इनाम रखा था. ये खूंखार नक्सली कई बड़े हमलों में शामिल रहा था. साल 2010 में सुकमा जिले के ताड़मेटला में हुए नक्सली हमले में शामिल था. इस हमले में 75 सीआरपीएफ के जवान और जिला बल का एक जवान शहीद हुआ था. इसे देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों में से एक जाना जाता है.

साल 2013 में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में हिडमा भी शामिल था. नक्सलियों ने घात लगाकर कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया था. पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, वरिष्ठ कांग्रेसी महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, उदय मुदलियार समेत 30 बड़े नेता मारे गए थे. इनके अलावा साल 2017 में बुरकापाल, साल 2021 में हुए बीजापुर हमला और 2023 में अरनपुर IED ब्लास्ट में भी शामिल रहा.

Desk idp24

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