Chhattisgarh

महासमुंद में धान खरीदी में अव्यवस्था पर कलेक्टर की सख्ती, तीन अधिकारी पद से हटाए गए

महासमुंद : जिले में धान खरीदी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। Mahasamund Paddy Procurement से जुड़ी शिकायतों के बीच 12 दिसंबर को उन्होंने धान खरीदी केंद्र मोंगरापाली और गांजर का निरीक्षण किया। इससे एक दिन पहले, 11 दिसंबर को धान खरीदी केंद्र केवां का भी जायजा लिया गया था।

निरीक्षण में उजागर हुई गंभीर अव्यवस्थाएं

निरीक्षण के दौरान तीनों धान खरीदी केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। धान की स्टेकिंग सुव्यवस्थित तरीके से नहीं की गई थी, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा नए और पुराने बारदानों में समिति का मार्का और स्टेंसिल निर्धारित मानकों के अनुरूप अंकित नहीं पाए गए। मिलर द्वारा उपलब्ध कराए गए बारदानों की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

तीन प्राधिकृत अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई

इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल सख्त कदम उठाए। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित मोंगरापाली के प्राधिकृत अधिकारी गुलशन बघेल, गांजर समिति के प्राधिकृत अधिकारी पुनितराम सिन्हा और रिसीकेला समिति के प्राधिकृत अधिकारी श्री नेपाल साहू को उनके पद से पृथक करने की कार्रवाई की गई। यह कदम Mahasamund Paddy Procurement में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

भविष्य के लिए स्पष्ट निर्देश

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी धान खरीदी केंद्रों पर शासन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। धान की स्टेकिंग, बारदानों की गुणवत्ता और सही मार्किंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा और भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!