Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा वीरता पदकों का मुद्दा, सम्मान राशि और प्रावधानों पर सरकार ने दी जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में वीरता पदक प्राप्त करने वाले जवानों और अधिकारियों को मिलने वाली सम्मान राशि का मुद्दा प्रमुखता से उठा। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरकार से इस विषय पर विस्तृत जानकारी मांगी और गैलेंट्री अवार्ड से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट करने की मांग की।
प्रश्नकाल के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि टोप्पो स्वयं भी सेना के जवान रह चुके हैं, इसलिए उन्हें इस विषय की जानकारी है। इस पर टोप्पो ने पलटकर पूछा कि वीरता पुरस्कार तय करने की प्रक्रिया क्या है और इसके तहत मिलने वाले लाभों का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है।
गृहमंत्री ने अपने जवाब में बताया कि वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवानों एवं अधिकारियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सशस्त्र बलों में वीरता पदक मिलने पर संबंधित नियोक्ता द्वारा एकमुश्त 20 लाख रुपये दिए जाते हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से जीवनपर्यंत 20 हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ पुलिस एवं सशस्त्र बल के जवानों को राष्ट्रपति वीरता पदक एवं अन्य गैलेंट्री अवार्ड मिलने पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित मौद्रिक भत्ता दिया जाता है। वहीं, राज्य पुलिस बल के कार्मिकों को छत्तीसगढ़ शौर्य पदक मिलने पर राज्य सरकार अलग से आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
गृहमंत्री ने आगे बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्थायी निवासी—चाहे वे राज्य बलों, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, सेना में सेवारत हों या आम नागरिक/पुलिस कार्मिक—यदि उन्हें शौर्य या युद्ध सेवा मेडल श्रृंखला के अंतर्गत कोई पदक प्राप्त होता है, तो उन्हें अनुदान राशि या भूमि के बदले नगद राशि प्रदान की जाती है।

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Desk idp24

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