Chhattisgarh

अफीम की खेती में सत्ताधारी संरक्षण? कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लैलूंगा, दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ के तमनार में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बिना सरकार के संरक्षण के यह बड़े पैमाने पर संभव नहीं था। उनके अनुसार, नगरी सिहावा में फसल को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया गया और कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सत्ता में बैठे लोग ही इस अवैध कारोबार में शामिल थे।

दीपक बैज ने सवाल उठाया कि अफीम की खेती कैसे राजस्व अमले और पुलिस की निगरानी में रहकर भी रिकॉर्ड में अन्य फसल के रूप में दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि अफीम की फसल 15 दिन या 1 महीने में नहीं उगती, इसलिए यह स्पष्ट है कि संबंधित अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी थी। जनता ने शिकायत की थी, लेकिन पुलिस और राजस्व अमला उचित कार्रवाई करने में विफल रहा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में अफीम की खेती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा सरकार ने केवल जिम्मेदार अधिकारी विनायक ताम्रकार को निलंबित किया है, लेकिन निष्कासन नहीं किया। उन्होंने पूछा कि दुर्ग जिले के समोदा में जिस भूमि पर भाजपा नेता अफीम की खेती कर रहा था, उस पर सरकारी रिकॉर्ड में मक्का और अन्य अनाज की फसल दिखाना किस उद्देश्य से किया गया।

दीपक बैज का कहना है कि यह पूरी घटना स्पष्ट संकेत देती है कि छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती सत्ता संरक्षण में ही हो रही है। जनता जानना चाहती है कि बलरामपुर, तमनार, लैलूंगा और नगरी में पकड़ी गई फसल पर किस भाजपा नेता का संरक्षण था और इसके लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कब होगी।

Desk idp24

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