Rss chhattisgarh :-छत्तीसगढ़ में संघ का ऐतिहासिक पुनर्जागरण: अब रायपुर और बिलासपुर संभाग से नई शक्ति का संचार

रायपुर।जब कोई संगठन अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश करता है, तो वह केवल अपनी यात्रा का जश्न नहीं मनाता—वह भविष्य की दिशा तय करता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी अपने 100 वर्षों के तप, त्याग और राष्ट्र समर्पण की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक ऐसा ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो आने वाले समय में देश और समाज के कार्य को नई गति देने वाला साबित होगा।
छत्तीसगढ़ अब दो संभागों—रायपुर और बिलासपुर—में पुनर्गठित किया गया है।यह सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि संगठन के हृदय में धड़कती उस ऊर्जा का विस्तार है, जो हर गांव, हर बस्ती और हर परिवार तक पहुंचना चाहती है।निर्णय नहीं, एक दृष्टि है…हरियाणा के पावन स्थल माधव सृष्टि, सवालखा में 13 से 15 मार्च तक आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में जब देशभर से आए 1,438 प्रतिनिधि एकत्र हुए, तो वहां सिर्फ चर्चा नहीं हुई—वहां एक नया भारत गढ़ने की योजना बनी।यह सम्मेलन संत शिरोमणि संत रविदास जी के 650वें प्राकट्य उत्सव को समर्पित थाएक ऐसे संत, जिन्होंने समाज को समानता और एकता का संदेश दिया। उसी भावना को आत्मसात करते हुए संघ ने यह पुनर्गठन किया।शताब्दी वर्ष: विस्तार नहीं, विराटता का प्रतीकआज संघ सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक जीवंत विचारधारा है924 जिलों में उसकी उपस्थिति55,000 से अधिक स्थानों पर गतिविधियांलाखों स्वयंसेवक, जो बिना किसी स्वार्थ के राष्ट्र निर्माण में लगे हैं
यह आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं, यह उस अदृश्य शक्ति का प्रमाण हैं, जो देश के हर कोने में राष्ट्रभावना को जीवित रखे हुए है।छत्तीसगढ़: सेवा, समर्पण और संस्कार की धरतीछत्तीसगढ़ में संघ का कार्य आज एक नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है2,188 शाखाएं… यानी 2,188 केंद्र जहां राष्ट्रभक्ति का संस्कार दिया जा रहा हैहजारों विद्यार्थी, युवा, व्यापारी और वरिष्ठ नागरिकजो एक ही ध्येय से जुड़े हैंसैकड़ों सेवा बस्तियां—जहां जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा रही है
रायपुर महानगर में ही 204 शाखाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यह केवल संगठन नहीं, बल्कि एक जीवन शैली बन चुका है।घर-घर पहुंच, दिल-दिल तक संबंधसंघ का गृह संपर्क अभियान केवल दरवाजे खटखटाने का कार्य नहीं थायह लोगों के दिलों तक पहुंचने का प्रयास था।देशभर में 10 करोड़ से अधिक घरों तक संपर्कछत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक घरों में पहुंच
यह आंकड़े बताते हैं कि संघ केवल विचार नहीं फैलाता, बल्कि रिश्ते बनाता है, विश्वास जगाता है और समाज को जोड़ता है।नई संरचना: नई ऊर्जा, नया संकल्परायपुर और बिलासपुर संभाग का गठन छत्तीसगढ़ में एक नई कार्यशैली, नई गति और नई सोच को जन्म देगानिर्णय अब और तेज होंगेकार्य और अधिक प्रभावी होगाहर क्षेत्र की जरूरत के अनुसार योजनाएं बनेंगी
यह बदलाव बताता है कि संघ समय के साथ चलने वाला नहीं, बल्कि समय को दिशा देने वाला संगठन है।यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?क्योंकि यह केवल ढांचा नहीं बदलता
यह कार्य की आत्मा को और मजबूत करता है
यह कार्यकर्ता के उत्साह को नई ऊंचाई देता है
यह समाज को जोड़ने की शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है









