पंचांग : आज अष्टमी पर पितृ पूजा से चमकेगी सोई हुई किस्मत! जानें सुख-समृद्धि का वो गुप्त उपाय जो बदल देगा जीवन

पंचांग : आज 26 मार्च, 2026 गुरुवार, के दिन चैत्र महीने की शुक्ल अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर माता दुर्गा का शासन है. इस दिन पितृ पूजा की जा सकती है, लेकिन अधिकांश कार्यों के लिए अशुभ तिथि मानी जाती है. आज सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है.
26 मार्च का पंचांग
- विक्रम संवत : 2082
- मास : चैत्र
- पक्ष : शुक्ल अष्टमी
- दिन : गुरुवार
- तिथि : शुक्ल अष्टमी
- योग : शोभन
- नक्षत्र : आर्द्रा
- करण : बव
- चंद्र राशि : मिथुन
- सूर्य राशि : मीन
- सूर्योदय : सुबह 06:19 बजे
- सूर्यास्त : शाम 06:35 बजे
- चंद्रोदय : सुबह 11.53 बजे
- चंद्रास्त : देर रात 02.35 बजे (27 मार्च)
- राहुकाल : 13:59 से 15:31
- यमगंड : 06:19 से 07:51
इस नक्षत्र में यात्रा और खरीदारी से बचें
आज के दिन चंद्रमा मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मिथुन राशि में 6:40 से लेकर 20:00 डिग्री तक विस्तार लिया हुआ है. इसके अधिष्ठाता देवता रुद्र और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु हैं. दुश्मनों से लड़ने, विष संबंधी काम करने, आत्माओं का आह्वान करने, किसी कार्य से खुद को अलग करने या खंडहर गिराने के अलावा बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद पाने के लिए यह नक्षत्र अच्छा माना जाता है. हालांकि यात्रा और खरीदारी से इस नक्षत्र में बचना चाहिए.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 13:59 से 15:31 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.









