LPG Crisis: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच गैस सप्लाई पर नजर, सरकार ने दी राहत

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते घरेलू एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। जल्द ही एलपीजी से भरे दो और जहाज भारत पहुंचने वाले हैं, जिससे आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।
इंडक्शन स्टोव पर बड़ा फैसला
सरकार ने काउंटर टॉप इंडक्शन हाब्स और इंडक्शन स्टोव के लिए ऊर्जा दक्षता मानकों को लागू करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब यह नियम एक जनवरी 2027 से लागू होगा। इस फैसले का मकसद इलेक्ट्रिक कुकिंग को बढ़ावा देना और गैस पर निर्भरता को कम करना है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असर
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है, जो भारत के लिए तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में आपूर्ति को लेकर सतर्कता बरती जा रही है और वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।
मांग पूरी करने के लिए उठाए गए कदम
देश के कई हिस्सों से एलपीजी की बढ़ती मांग की खबरें सामने आई हैं। इसे देखते हुए सरकार ने छोटे यानी 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ा दी है। इसके साथ ही इन्हें खरीदने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है, ताकि लोगों को आसानी से गैस मिल सके।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
सरकार का कहना है कि फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने से स्थिति बिगड़ सकती है।
गैस का विकल्प बन रहा इंडक्शन
सरकार लोगों को खाना बनाने के लिए सिर्फ गैस सिलेंडर पर निर्भर न रहने की सलाह दे रही है। इंडक्शन हाब्स कम ऊर्जा में बेहतर काम करते हैं और इन्हें एक प्रभावी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।








