Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला…सरकारी कर्मचारियों को विपश्यना ध्यान शिविर में जाने की सुविधा

छत्तीसगढ़ : सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक अहम निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर बताया कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी विपश्यना ध्यान शिविर में भाग लेने के लिए विशेष अवकाश ले सकेंगे।

कर्मचारियों को मिलेगी 12 दिन की छुट्टी

सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी और राज्य सेवा के अधिकारी-कर्मचारी अपनी पूरी सेवा अवधि में अधिकतम छह बार विशेष कैजुअल लीव का लाभ उठा सकते हैं। प्रत्येक शिविर के लिए यात्रा समेत अधिकतम 12 दिनों का अवकाश मिलेगा।

छुट्टी के लिए आवश्यक शर्तें

विपश्यना अवकाश लेने के लिए कर्मचारी को संबंधित ध्यान केंद्र से जारी एडमिशन लेटर आवेदन के साथ लगाना अनिवार्य होगा। शिविर पूरा होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट कार्यालय में जमा करना जरूरी है। यदि सर्टिफिकेट जमा नहीं किया गया तो अवकाश को अन्य अर्जित छुट्टियों में समायोजित कर दिया जाएगा।

अवकाश पर सैलरी प्रभावित नहीं होगी

विपश्यना ध्यान शिविर के लिए अवकाश की स्वीकृति संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी ही देंगे। वे सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी काम प्रभावित न हो। इस अवधि को ऑन ड्यूटी माना जाएगा और पूरी सैलरी कर्मचारियों को मिलेगी।

विपश्यना ध्यान: जानें इसके बारे में

विपश्यना एक प्राचीन ध्यान पद्धति है, जिसे गौतम बुद्ध ने लगभग 2500 साल पहले शुरू किया। इसका अर्थ है चीजों को जैसी वे वास्तव में हैं, वैसे ही देखना। ध्यान शिविर में मौन का पालन किया जाता है और रोज 8-10 घंटे ध्यान किया जाता है। मोबाइल, किताबें और टीवी का इस्तेमाल नहीं होता। भोजन सादा और शाकाहारी होता है। दिन का पूरा शेड्यूल निर्धारित रहता है। विपश्यना का उद्देश्य मन को शांत करना, तनाव और चिंता को कम करना, स्वयं को बेहतर समझना और नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति पाना है।

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