रायपुर में तेज रफ्तार पर सख्ती…पांच शहरों में शुरू हुई स्पीड कैमरा निगरानी, घर पहुंचेगा सीधा ई चालान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। रायपुर, बिलासपुर समेत राज्य के पांच प्रमुख शहरों में स्पीड कैमरों के जरिए वाहनों की रफ्तार पर निगरानी शुरू कर दी गई है। अब तय सीमा से अधिक गति में वाहन चलाने पर सीधे ई चालान जारी होगा, जो वाहन मालिक के घर तक पहुंच जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुई व्यवस्था
राज्य सरकार के निर्देश पर इस तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी के प्रमुख मार्गों पर स्पीड कैमरे लगाए गए हैं। खास बात यह है कि इन कैमरों को शहर के प्रवेश और निकास बिंदुओं के साथ उन स्थानों पर लगाया गया है, जहां सड़क दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है।
आधुनिक तकनीक से लैस कैमरे
इन स्पीड कैमरों को वाईफाई नेटवर्क से जोड़ा गया है और यह परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर सिस्टम से सीधे कनेक्ट रहते हैं। ये कैमरे करीब 100 मीटर की दूरी तक वाहनों की गति को सटीक रूप से माप सकते हैं।
दो लेन वाली सड़कों पर भी ये सिस्टम एक साथ कई वाहनों की निगरानी करने में सक्षम है और सभी डेटा को तुरंत सिस्टम में अपडेट कर देता है।
कैसे काम करता है पूरा सिस्टम
यह तकनीक प्रकाश तरंगों के आधार पर वाहन की स्पीड और दूरी का आकलन करती है। जैसे ही कोई वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज चलता है, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लेता है। इसके बाद सिस्टम अपने आप ई चालान तैयार कर देता है।
यह चालान वाहन मालिक को मोबाइल मैसेज, व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भेजा जाता है। रात के समय भी ये कैमरे नाइट विजन मोड में पूरी तरह प्रभावी रहते हैं।
दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिश
अपर परिवहन आयुक्त डी रविशंकर ने बताया कि सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह पहल शुरू की गई है। शुरुआती चरण में पांच जिलों में सात स्पीड कैमरे लगाए गए हैं। आने वाले समय में इस व्यवस्था को प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार देने की योजना है।
सरकार का मानना है कि इस तकनीक के जरिए तेज रफ्तार पर नियंत्रण लगेगा और सड़क हादसों में कमी लाई जा सकेगी









