सक्ती में बड़ा औद्योगिक हादसा…वेदांत पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट से 9 मजदूरों की मौत, कई गंभीर रूप से घायल

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित सिंघीतराई के वेदांत पावर प्लांट में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां बॉयलर फटने से जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें कई मजदूर झुलस गए और अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
काम के दौरान हुआ भीषण विस्फोट, मजदूरों में मची भगदड़
जानकारी के अनुसार डभरा थाना क्षेत्र के इस प्लांट में रोज की तरह काम चल रहा था, तभी दोपहर के समय अचानक बॉयलर में तेज धमाका हो गया। विस्फोट इतना भयानक था कि मौके पर काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई और कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
50 से अधिक मजदूर घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई। राहत दल ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अब तक 50 से अधिक मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिनका इलाज पद्मावती अस्पताल में जारी है।
परिजनों में आक्रोश, प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद मृतकों और घायलों के परिजन प्लांट के बाहर जुट गए। उन्होंने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्लांट में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया शोक, जांच के दिए आदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन को राहत कार्य तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सुरक्षा मानकों की समीक्षा के निर्देश, भविष्य में सख्ती के संकेत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस घटना की गहन जांच की जाएगी और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









