सक्ती वेदांता पावर प्लांट हादसा…20 मौतों के बाद बड़ा एक्शन, चेयरमैन समेत 19 पर FIR, जांच तेज

छत्तीसगढ़ : के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद बड़ा प्रशासनिक और कानूनी एक्शन सामने आया है। बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। हादसे के बाद प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर पर सियासी बयानबाजी तेज, भूपेश बघेल ने उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि 20 लोगों की मौत के बाद दर्ज एफआईआर को सरकार सार्वजनिक नहीं कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि किन धाराओं के तहत किन लोगों पर कार्रवाई हुई है। बघेल ने यह भी कहा कि पहले भी इसी कंपनी में बड़ा हादसा हो चुका है, लेकिन उस समय कार्रवाई को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई थी।
बॉयलर ब्लास्ट की शुरुआती जांच में बड़ा खुलासा
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, बॉयलर के फर्नेस में अत्यधिक ईंधन जमा होने के कारण दबाव असामान्य रूप से बढ़ गया था। इसी दबाव की वजह से निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और जोरदार विस्फोट हो गया। फोरेंसिक जांच में भी अत्यधिक ईंधन संचय और दबाव को हादसे का मुख्य कारण बताया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक, रखरखाव पर उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि प्लांट में मशीनरी के रखरखाव और सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था। निगरानी और तकनीकी सुरक्षा में लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ, जिसमें कई परिवार उजड़ गए।
विशेष जांच टीम गठित, तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच जारी
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई है, जिसमें पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम हादसे के हर तकनीकी पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं पीएमओ की ओर से भी PMNRF के तहत मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया गया है।
कंपनी की ओर से मुआवजा और नौकरी का ऐलान
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए मुआवजा और नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए सहायता राशि देने की बात कही गई है। फिलहाल कई घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।









