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Cryptocurrency का ट्रेडर बताकर लाखों का चूना लगाने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे

बिलासपुर। शेयर मार्केट का फायदा उठाकर बड़े पैमाने में शातिर ठग सक्रिय हो गए है। जो तरह-तरह के पैंतरे अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे है।वहीं ऐसे लोग भी है जो कम समय मे अधिक कमाने के चक्कर मे लगातार शातिर ठग के झांसे में आ रहे है। इसी तरह का एक बड़ा मामला थाना सिविल लाइन अंतर्गत सामने आया है। उसलापुर वैष्णवी विहार निवासी नरेंद्र सोनवानी ने गत 2022 मार्च में खुद को क्रिप्टो का ट्रेडर बताकर क्रिप्टो के जरिये 3 गुना लाभांश का झांसा देकर 13 अलग अलग लोगों से 60 लाख रुपये से अधिक का धोकाधड़ी कर दिया। पुलिस भी ठग के विरुद्ध शिकायत दर्ज कर मामले की विवेचना कर रही थी। इसी बीच पता चला कि आरोपी नरेंद्र सोनवानी नागपुर में छिपा है। जिसके बाद थाना सिविल लाइन की टीम ने नागपुर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल दाखिल कर दिया। सम्भावना यह भी जताई जा रही है कि इस मामले में प्रार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।

क्रिप्टोकरंसी में निवेश का झांसा देकर करीब 60 लाख की धोखाधड़ी का करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. युवक ने खुद को क्रिप्टोकरंसी का एजेंट बताते हुए 13 लोगों को ठगी का शिकार बनाया. सभी से इन्वेस्ट करवाने के नाम पर पैसा लिया और फरार हो गया था. उसके गायब होने के बाद पीड़ित थाने पहुंचे. इसकी शिकायत की. सिविल लाइन पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर उसे नागपुर से गिरफ्तार किया है।

उसने प्रॉपर्टी डीलर को झांसा देकर 12 दिसंबर 2022 को ₹200000 नगद लिया. साथ ही ₹97000 अपनी बहन लक्ष्मी कुर्रे के खाते में ट्रांसफर करवाया. इस तरह उसने करीब ₹500000 प्रॉपर्टी डीलर से ले लिए. इसके अलावा उसके नाम पर 10 लाख लोन भी लिया. उसने इसके एवज में लाभांश देने की बात कही थी. नरेंद्र ने प्रॉपर्टी डीलर के साथ ही विक्रम खांडेकर, रूपेश कुमार, प्रभात शंकर, उपेंद्र लहरे, विजय सोनी, नवीन कश्यप, आजा खांडेकर, कपिल यादव, श्रीकांत नागदा, देवेंद्र लहरे, हजम खांडेकर और महेश महतो से भी पैसे लिए इस तरह एजेंट सभी से कुल ₹60 लाख लेकर फरार हो गया. पीड़ितों ने इसकी शिकायत सिविल लाइन पुलिस से की. पुलिस ने आरोपी पर धारा 409, 420 के तहत केस दर्ज कर तलाश कर रही थी. इस बीच उसके नागपुर में होने की जानकारी मिली. घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया.

आरोपी ने ठगी की रकम में से कार, लेपटॉप, फ्रिज, वाशिंग मशीन और अन्य सामग्री खरीदी. आरोपी ने 13 आईडी का अलग अलग इस्तेमाल कर क्रिप्टोकरेंसी के बारे में google, you tube से online जानकारी लेकर लोगों के साथ धोखा किया।

Desk idp24

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