ChhattisgarhRaipur

कांग्रेस का मौन प्रदर्शन : रायपुर में नेता प्रतिपक्ष, बिलासपुर में PCC चीफ ने दिया धरना,बोले -प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित नहीं

Related Articles

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के विरोध में आज कांग्रेस ने मौन प्रदर्शन किया. बिलासपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और रायपुर में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने काली पट्टी लगाकर मौन धरना दिया.नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, बीजेपी सरकार बनने के बाद महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हो रही है. मुख्यमंत्री के जिले में एक महिला के साथ 9 लोगों ने गैंगरेप किया, ये कहते हुए शर्म आती है. जांच दल बनाकर जब महिला से मिलना चाहा तो महिला को किडनैप कर लिया गया है. महंत ने कहा, पिछले आठ महीने में 6000 से अधिक छेड़छाड़ की घटना हुई है. 600 से ज्यादा बलात्कार की घटनाएं हुई है. राखी, तीजा, पोला जैसे बहनों के कई त्यौहार आने वाले हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में बहनें सुरक्षित नहीं है.

झूठी बयानबाजी कर जनता को भड़का रही कांग्रेस : गुप्ता
वहीं कांग्रेस के प्रदर्शन पर भाजपा प्रवक्ता केदार गुप्ता ने कहा, कांग्रेस झूठी बयानबयाजी कर जनता को भड़काने का काम कर रही है. प्रदेश में भूपेश बघेल की जब सरकार थी तब महिलाओं पर अत्याचार काफी हो रहे थे. महादेव सट्‌टा, शराब का व्यसन बढ़ गया था. इसके कारण अपराध बढ़ गया था. साय सरकार नशाखोरी पर लगातार कार्रवाई कर रही और अपराध के मामले में लगातार कमी आ रही है. साय सरकार सारे वादे पूरे कर रहे. इससे जनता खुश हैं

बीजेपी में ओबीसी विधायकों के सम्मान पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, पहले कितने ओबीसी, एससी, एसटी, ब्राह्मण और अन्य जाति है ये गिनती करवा लें, फिर सम्मान करे. हमारे जातिगत जनगणना के निवेदन को स्वीकार नहीं पा रहे. भूपेश बघेल ने क्वांटिफिएबल डाटा भी बनवाया है या उसे चैलेंज करें या जनगणना करवाएं. ये सिर्फ दिखावे का सम्मान है.

बीजेपी के सदस्यता अभियान की शुरुआत हुई, इस पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने सवाल खड़े करते हुए कहा, सदस्यता अभियान किस उद्देश्य से लेकर आए हैं. क्या लोकसभा का मध्यावधि चुनाव होने वाला है. क्या मध्यावधि चुनाव के लिए मतदाताओं की सूची तैयार की जा रही है. बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट के दिए फैसले पर उन्होंने कहा, बुलडोजर की संस्कृति कही भी हो उसे बंद होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय दृष्टि को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है. किसी गरीब ने घर, मकान या दुकान बनवाया है तो उसमें पूरे परिवार का खून पसीना लगा होता है. बुलडोजर संस्कृति बंद होनी चाहिए.

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!