ChhattisgarhRaipur

अमन साहू गैंग के निशाने पर छत्तीसगढ़ के 12 कारोबारी, पूछताछ में राजफाश, गैंगस्टर के पकड़े जाने के बाद कारोबारियों ने की शिकायत

Related Articles

रायपुर। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को बीतें दिनों आधी रात को कड़ी सुरक्षा के बीच झारखंड के सरायकेला जेल से रायपुर लाया गया। जिसे पुलिस ने पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। वहीं इस पुलिस रिमांड में हुई पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। बता दें कि, रायपुर के तेलीबांधा और छत्तीसगढ़ के लगभग 12 कारोबारीयों को गैंगस्टर अमन साहू ने अपना निशाना बनाने की बात कही हैं। वहीं अब पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है।

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और रायपुर के कोयला कारोबारी और ठेकेदार निशाने पर हैं। कइयों पर लेवी वसूलने के लिए गोलीबारी भी की गई है। झारखंड में जिनका काम चल रहा है, उनसे रंगदारी वसूलने के लिए लगातार फोन कर धमकी दी जा रही हैं।

रंगदारी नहीं देने वालों को मिल रही धमकी

जानकारी के अनुसार, अमन के रायपुर लाए जाने के बाद यहां के बड़े कारोबारियों ने लिखित में शिकायत दर्ज कराइ हैं कि, उनसे भी रंगदारी की मांग की गई है। कुछ दिन पहले बिलासपुर के एक कारोबारी ने थाने में शिकायत की थी कि, रंगदारी नहीं देने वालों को जान से मारने की धमकी मिली हैं। वहीं लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग के जेल में बंद होने के बाद बाहर का पूरा काम कनाडा में बैठकर मयंक सिंह ही संभाल रहा है।

जानकारी के अनुसार, लॉरेंस के निर्देश के बाद वह फिरौती, हत्या, अपहरण जैसी वारदात के लिए गुर्गे उपलब्ध करवाता है। वहीं, अमन साहू का फेसबुक अकाउंट सुनील मीणा नाम का व्यक्ति मलेशिया से चला रहा है। दोनों फेसबुक पर अमन को रायपुर लाने के फोटो शेयर किए गए है। दोनों फोटो में जय श्री राम लिखा है।

इन मामलों में अमन से हो रही पूछताछ

बता दें कि, चार साल पहले झारखंड में बरबरीक ग्रुप के कार्यालय के बाहर फायरिंग करवाई गई। वहीं ढाई साल पहले कोरबा में इसी कंपनी के दफ्तर के बाहर पर्चा फेंककर गोली चलवाई। इसके आलावा शंकर नगर में कंपनी के एक पार्टनर के घर के बाहर गोली चलाकर धमकी दी। वहीं 26 मई को फायरिंग के लिए शूटर भेजे। वारदात के पहले ही शूटर पकड़े गए। जिसके बाद 13 जुलाई को तेलीबांधा में कंपनी के एक दफ्तर के बाहर गोली चलवाई।
बागबेड़ृा में स्कूल वैन चालक की हत्या की।

वहीं, एक अन्य मामले की बात करें तो जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र ग्वालापट्टी निवासी स्कूल वैन चालक रोहित कुमार सिंह की 13 अक्टूबर की रात को घर के खटाल के सामने गोली मारकर अपराधियों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई राहुल कुमार सिंह की शिकायत पर कुंदन और मनीष कुमार वर्मा के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी बागबेड़ा थाना में दर्ज कराई गई थी। दोनों आरोपित बागबेड़ा प्रधान टोला क्षेत्र के निवासी है। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया था।

हत्या के मामले में पुलिस को अपराधियों का सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा है जिसकी मदद से पुलिस अपराधियों की पहचान कर रही है। संदेह के आधार पर पुलिस ने बागबेड़ा लकड़िया बगान निवासी राजा शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

मां ने सुबह बेटे को खून से देखा लथपथ

नामजद दो आरोपित कुंदन और मनीष के परिजनों पर पुलिस ने गिरफ्तारी का दबाव बना रखा है। बता दें कि, सोमवार सुबह छह बजे रोहित की मां जब उसे जगाने खटाल की ओर गई तो पुत्र को खून से लथपथ देखा। जानकारी पर लोग उसे उठाकर टीएमएच ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसे सिर में गोली मारी गई थी। हत्या का कारण आपसी रंजिश और प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। उसके सिर में फंसी एक गोली को शव के पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों ने निकाला जिसे पुलिस को सौंप दिया गया।

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!