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बेटे की कस्टडी पाने पिता पहुंचा हाईकोर्ट, जस्टिस के सामने बेटे ने कही ऐसी बात… आप भी जानकर रह जाएंगे हैरान

बिलासपुर। तलाकशुदा पत्नी की मौत के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बेटे की कस्टडी पाने के लिए याचिका लगाने वाले पिता को बेटे ने हैरान कर दिया। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जब बेटे को पेश किया गया तो उसने अपने पिता के वह राज खोले जिससे हर कोई अंजान था। दरअसल बेटे ने अपने पिता के साथ जाने से इंकार कर दिया और अपने नाना-नानी के साथ रहने की इच्छा जताई।इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिविजन बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट में 14 साल के बच्चे ने कहा कि वह उसके पिता के साथ नहीं रहना चाहता। उसके पिता अच्छे नहीं है और वे उसकी मम्मी को टॉर्चर करते थे, मारते पीटते थे। बेटे ने अपने नाना-नानी के साथ ही रहना चाहता है। कोर्ट ने बच्चे की इच्छा के अनुसार उसकी कस्टडी उसके नाना-नानी को सौंप दी।जानें क्या है पूरा मामलाजगदलपुर निवासी महिला की 2004 में मुंबई के युवक से शादी हुई थी। बेटा पैदा होने के बाद इनके बीच विवाद शुरू हुए। लगातार दोनों में विवाद होते रहे। महिला को उसका पति काफी प्रताड़ित करने लगा। आए दिन के विवाद से तंग आकर शादी के 15 साल बाद 2020 दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। इसके बाद उसका बच्चा महिला के साथ ही रहने लगा। तलाक के बाद पिता ने कभी भी बच्चे के बारे में नहीं सोचा।इधर महिला के पति ने दूसरी शादी कर ली और महिला ने भी दूसरी शादी कर ली। इस बीच 2021 कोरोना काल में महिला की मौत हो गई। इसकी जानकारी लगने के बाद महिला के पहले पति ने अपने बेटे को अपने साथ रखने की इच्छा जताई जिसे बच्चे के नाना-नानी ने मना कर दिया। इसके बाद पिता ने हाईकोर्ट में बच्चे की कस्टडी के लिए हाइकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई।बच्चे ने कर दिया पिता के साथ जाने से इंकारकेस की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी की डिवीजन बेंच ने बच्चे को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। बुधवार को बच्चे के नाना-नानी बच्चे को कोर्ट में लेकर पहुंचे। इस दौरान जस्टिस ने बच्चे से पूछा तो उसने इनकार कर दिया। बच्चे ने कहा कि उसका पिता उसकी मां का मारता था इसलिए वह उसके साथ नहीं रहना चाहता। उसने कहा कि वह अपने नाना-नानी व दूसरे पापा के साथ ही रहेगा। बच्चे की राय जानने के बाद कोर्ट पिता की याचिका खारिज कर दी।



