ChhattisgarhRaipur

IAS-IPS अफसरों का HRA बढ़ा , सातवें वेतन आयोग के मुताबिक 9 से 27% तक बढ़ोतरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ में काम कर रहे अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का गृह भाड़ा भत्ता-HRA बढ़ा दिया गया है। यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर हुई है। प्रदेश के कर्मचारी संगठनों का कहना है, यह जले पर नमक जैसा है। इसी मांग को लेकर प्रदेश के चार लाख से अधिक कर्मचारी पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने पिछले सप्ताह यह आदेश जारी किया था। इसके मुताबिक जुलाई 2017 में जारी केंद्रीय वित्त मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापन के मुताबिक महंगाई भत्ता 25% से अधिक होने पर अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का गृह भाड़ा भत्ता सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुपात में बढ़ाया जाना है। इसके लिए एक्स, वाई और जेड श्रेणी के शहरों के लिए क्रमश: 27%, 18% और 9% की दर तय हुई थी। नए आदेश में कहा गया, अभी अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का महंगाई भत्ता 25% से ऊपर है। ऐसे में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक गृह भाड़ा भत्ते की नई दरें स्वीकृत की जाती हैं। इस आदेश की कॉपी सामने आने के साथ की कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। सोशल मीडिया मंचों पर कर्मचारी इसे जले पर नमक बता रहे हैं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा का कहना है यही तो दुर्भाग्य है। हम लोगों को इसी भत्ते को लेकर कई महीनों से आंदोलन करना पड़ रहा है। पिछले आठ दिनों से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यह आदेश भी उस दिन जारी हुआ जिस दिन कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे थे। यह दोहरा बर्ताव है।

Related Articles

अफसरों का महंगाई भत्ता भी बढ़ चुका है

आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसे अखिल भारतीय सेवा के अफसरों के वेतन-भत्ते की दर केंद्र सरकार के निर्देशों से निर्धारित होती है। पिछले दिनों अखिल भारतीय सेवा के अफसरों का महंगाई भत्ता भी बढ़ा दिया गया। उनको 31% तक कर दिया गया है। यही नहीं उसमें एरियर भी शामिल है।

भत्ता बढ़ाने के लिए हड़ताल पर हैं कर्मचारी

छत्तीसगढ़ के राज्य कर्मचारियों की यह हड़ताल भत्ता बढ़ाने की मांग के लिए है। कर्मचारी संगठन कई महीनों से केंद्र सरकार की तरह 34% महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग थी, इस दर तक पहुंचने के लिए उनका भत्ता 12% बढ़ाया जाना चाहिए। वहीं सातवें वेतनमान की सिफारिशों के मुताबिक मूल वेतन का 18% गृह भाड़ा भत्ता की मांग भी साथ-साथ उठी है। जुलाई में पांच दिनों की हड़ताल के बाद सरकार ने महंगाई भत्ते में 6% इजाफे का आदेश जारी कर दिया। वहीं गृह भाड़ा भत्ता के लिए आश्वासन हाथ आया। उसके बाद 22 अगस्त से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!