टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम: मरीजों को मिल रहा मुफ्त इलाज और पोषण सहायता

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ‘टीबी मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत राज्य में तपेदिक (टीबी) मरीजों को मुफ्त इलाज, जांच और पोषण सहायता उपलब्ध करा रही है। इस अभियान का लक्ष्य वर्ष 2025 तक पूरे राज्य को टीबी से मुक्त बनाना है।
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खरोरा निवासी पूजा धीवर जैसी टीबी मरीजों को इस योजना से प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। पूजा ने बताया कि उनका इलाज सरकारी दवाओं के माध्यम से चल रहा है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया।
राज्य सरकार टीबी मरीजों को छह महीने की अवधि में 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से देती है। इसके अलावा, छह महीने का प्रोटीनयुक्त पोषण आहार भी प्रदान किया जाता है, जिससे मरीजों को जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है।
टीबी के लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, सीने में दर्द, बलगम में खून आना और शरीर में गांठें शामिल हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करवाना जरूरी है।
रायपुर जिले में इच्छुक मरीज जिला क्षय रोग केंद्र, कालीबाड़ी में संपर्क कर सकते हैं, जहाँ उन्हें आवश्यक परामर्श और सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में सराहनीय है, बल्कि सामाजिक कल्याण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर सहयोग करें, तो 2025 तक ‘टीबी मुक्त छत्तीसगढ़’ का सपना जरूर साकार हो सकता है।