रायगढ़ में मजदूरों के लिए मौत का जाल…MSP स्टील में सुरक्षा लापरवाही से बढ़ रही दुर्घटनाएं

(रिपोर्टर दीपक रायगढ़ ) एमएसपी स्टील लिमिटेड में बीते 10 वर्षों में 15 से अधिक मजदूरों की मौत हो चुकी है। ये सभी हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुए हैं। चिंताजनक बात यह है कि इन मौतों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया केवल जुर्माने और नोटिस तक सीमित रहती है। कुछ समय के लिए सख्ती दिखती है, फिर सब पहले जैसा हो जाता है।
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हाल ही में, लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने एमएसपी स्टील के अधिभोगी प्रदीप कुमार डे और प्रबंधक संजय सिंह परिहार को कारखाना अधिनियम 1948 (संशोधित 1987) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने संकेत दिया है कि दोषियों पर मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
रायगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में 85% से अधिक मजदूर अन्य राज्यों से आते हैं, जिससे उनके परिजन कानूनी कार्रवाई में ज्यादा रुचि नहीं लेते। वहीं, प्लांट प्रबंधन मामूली मुआवजा देकर मामलों को रफा-दफा कर देता है। यही कारण है कि इन उद्योगों में सुरक्षा मानकों का पालन गंभीरता से नहीं किया जाता।
जरूरी कदम जो उठाए जाने चाहिए:
सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और नियमित निरीक्षण
दोषी अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास योजना
सुरक्षा प्रशिक्षण और निगरानी तंत्र की मजबूती
अगर प्रशासन पहले से ही सख्ती दिखाता, तो कई निर्दोष मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी। अब समय है कि जिम्मेदार संस्थाएं ठोस कार्रवाई करें ताकि मजदूरों की जान से खिलवाड़ रोका जा सके।
