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बाप-बेटे ने मैंगो जूस सप्लाई के नाम पर देश भर में लोगों से की करोड़ों रूपए की ठगी

रायपुर। मैंगो जूस सप्लाई करने के नाम पर रायपुर सहित अन्य राज्यों में करोड़ों रूपये की ठगी करने वाले हंसराज एग्रोफ्रेश प्रा.लिमिटेड कम्पनी के डायरेक्टर आदित्य सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मैंगो जूस सप्लाई करने के नाम पर देश भर के अलग-अलग राज्यों में करोड़ों रूपये की ठगी किये है। आरोपियान रिश्ते में पिता-पुत्र है। आरोपियान रविग्राम तेलीबांधा निवासी प्रार्थिया रीता नेभवानी के साथ 84 लाख 57 हजार रूपये की ठगी किए है।

आरोपियान मूलतः उत्तर प्रदेश के निवासी है, जो सिलीगुड़ी में रहकर मैंगो जूस सप्लाई करने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। आरोपी पिता-पुत्र सिलीगड़ी में हंसराज एग्रोफ्रेश प्रा.लिमिटेड कम्पनी के नाम से अपना कम्पनी बनाये थे। दोनों आरोपी के विरूद्ध महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में ठगी के प्रकरण दर्ज है। आरोपी आदित्य सिंह को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कर ट्रांजिस्ट रिमाण्ड में रायपुर लाया गया है। वहीं घटना में संलिप्त आरोपी का पिता सत्येन्द्र सिंह फरार है, जिसकी पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे है। आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध दर्ज है।

पुलिस के मुताबिक, प्रार्थिया रीता नेभवानी ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह निकीता मार्केटिंग नामक फर्म की प्रोपराईटर है। वर्ष 2017 में प्रार्थिया के फर्म एवं हंसराज एग्रोफ्रेश के डायरेक्टर सत्येन्द्र सिंह एवं आदित्य सिंह के मध्य मैंगो फ्रेश जूस सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल नामक उत्पाद के विक्रय करने हेतु सी एण्ड एफ नामक कम्पनी बनाकर अनुबंध किया गया। जिस पर अनुबंध अनुसार प्रार्थिया द्वारा उक्त उत्पाद के एवज में हंसराज एग्रोफ्रेश के कम्पनी के खाते में वर्तमान स्थिति में कुल 84,57,901/- रूपये जमा किया गया। हंसराज एग्रोफ्रेश कम्पनी द्वारा प्रारंभ में माल समय पर भेजा जा रहा था किन्तु वर्ष 2019 में एकाएक कम्पनी द्वारा माल भेजना बंद कर दिया गया जिसके संबंध में प्रार्थिया द्वारा पूछने पर उनके द्वारा संतोषजनक जवाब न देते हुए माल भेजने का आश्वासन दिया गया किन्तु माल नही भेजने पर प्रार्थिया के पुत्र द्वारा वर्ष 2020 में उक्त कंपनी के मुख्यालय सिलिगुड़ी पश्चिम बंगाल में स्वयं जाकर मुलाकात की गई जहां आदित्य सिंह द्वारा माल भेजने का पुनः आश्वासन देेकर प्रार्थिया के पु़त्र को वापस भेज दिया गया। किन्तु कुछ दिन पूर्व उक्त हंसराज एग्रोफ्रेश द्वारा प्रार्थिया को माल की आपूर्ति न करते हुए 01 अन्य एजेंट को उक्त माल का आपूर्ति किया जाने लगा। हंसराज एग्रोफ्रेश कम्पनी के डायरेक्टर सत्येन्द्र सिंह एवं आदित्य सिंह द्वारा प्रार्थिया के साथ पूर्व में किये गये अनुबंध के अनुसार प्रार्थिया से कुल 84,57,901/- रूपये प्राप्त कर माल की अपूर्ति न कर ठगी किया गया। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 345/21 धारा 420, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई।

ठगी के इस मामले पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थिया एवं उसके पुत्र से विस्तृत पूछताछ करते हुए आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों द्वारा उपयोग किये जाने वाले मोबाइल नम्बरों का तकनीकी विश्लेषण करने के साथ ही प्रार्थिया के पुत्र द्वारा आरोपियों के कम्पनी के जिन बैक खाताओं में रकम स्थानांतरण किये गये थे उनका भी जानकारी प्राप्त किया गया। प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपियों की उपस्थिति पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में होना पाये जाने पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के उपनिरीक्षक सिकंदर कुर्रे के नेतृत्व में 05 सदस्यीय टीम को सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल रवाना किया गया।

टीम के सदस्यों द्वारा सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल पहुंच कर कैम्प कर आरोपियों की पतासाजी करते हुए अंततः प्रकरण में संलिप्त आरोपी आदित्य सिंह को पकड़ा गया। घटना के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी आदित्य सिंह द्वारा अपने पिता सत्येन्द्र सिंह के साथ मिलकर ठगी की उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया। आरोपी आदित्य सिंह को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कर ट्रांजिस्ट रिमाण्ड पर रायपुर लाया गया है। आरोपी सत्येन्द्र सिंह फरार है, जिसकी पतासाजी कर गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे है।

आरोपी आदित्य सिंह एवं सत्येन्द्र सिंह को महाराष्ट्र के सांगली में दर्ज ठगी के प्रकरण में गिरफ्तार किया जा चुका है जिसमें आरोपी पिता-पुत्र जमानत पर है। आरोपी पिता-पुत्र द्वारा देश भर के अलग-अलग राज्यों में कई लोगों को मैंगो जूस सप्लाई करने के नाम पर अपना शिकार बनाते हुए करोड़ो रूपये की ठगी की गई है। जिस संबंध में पीड़ितों द्वारा आरोपी पिता-पुत्र के विरूद्ध संबंधित राज्यों/जिलों के न्यायालय में याचिका एवं थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है।

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