Chhattisgarh

जबरन इस्तीफा पड़ा भारी: हाईकोर्ट ने पलटा कॉलेज का फैसला, प्रोफेसर को मिली नौकरी और पूरा बकाया

बिलासपुर, 15 अप्रैल 2026 | निजी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक से दबाव बनाकर इस्तीफा लेने का मामला आखिरकार अदालत में उल्टा पड़ गया। बिलासपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कॉलेज प्रबंधन के फैसले को निरस्त कर दिया और याचिकाकर्ता को न केवल सेवा में बहाल करने, बल्कि पूरे बकाया वेतन और अन्य सभी लाभ देने का आदेश दिया।

Related Articles

दबाव और धमकी के बीच लिया गया इस्तीफा बना विवाद की जड़

चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर में कार्यरत सहायक प्राध्यापक आशीष कुमार खंडेलवाल से 21 सितंबर 2020 को कथित तौर पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिया गया था। उनका आरोप था कि सहकर्मी चित्रकांत टाइगर और जय किशन गुप्ता द्वारा लगातार मानसिक दबाव और धमकी के चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। इतना ही नहीं, इस्तीफे के बाद उनके लंबित भुगतान भी रोक दिए गए।

सिंगल बेंच में सुनवाई, प्रबंधन की प्रक्रिया पर उठे सवाल

मामले को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय की सिंगल बेंच ने इस प्रकरण की सुनवाई की। कोर्ट ने पाया कि 23 सितंबर 2020 को इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया और अगले ही दिन 24 सितंबर को ईमेल के जरिए इसकी जानकारी दी गई।

अदालत ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रबंधन ने इस्तीफा स्वीकार करने से पहले कोई ठोस जांच नहीं की। वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने सहकर्मियों के हलफनामे के जरिए यह दावा किया कि किसी प्रकार की धमकी नहीं दी गई थी, लेकिन कोर्ट इस दलील से संतुष्ट नहीं हुआ।

हाईकोर्ट का स्पष्ट फैसला: इस्तीफा अवैध, बहाली और भुगतान अनिवार्य

सभी तथ्यों और परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद अदालत ने साफ कहा कि यह इस्तीफा वैध नहीं माना जा सकता। ऐसे में कॉलेज द्वारा इसे स्वीकार करना भी गलत है।

कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को 23 सितंबर 2020 से अब तक का पूरा बकाया वेतन और सभी संबंधित लाभ दिए जाएं। साथ ही उन्हें उनकी पूर्व सेवा में बहाल किया जाए।

न्यायिक संदेश: दबाव में लिया गया फैसला मान्य नहीं

इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी कर्मचारी से दबाव या भय के वातावरण में लिया गया इस्तीफा कानून की नजर में टिक नहीं सकता। अदालत का यह रुख कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!