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मोदी सरकार हिंडनबर्ग रिपोर्ट अडानी के घोटाले पर श्वेत पत्र जारी करें – कांग्रेस

रायपुर। कांग्रेस ने मांग किया कि हिंडनबर्ग रिर्पोट और अडानी समूह की धोखाधड़ी पर केन्द्र सरकार श्वेत पत्र जारी करें। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अडानी समूह की कंपनियों में देश की सबसे सरक्षित मानी जाने वाली निवेश कंपनिया एलआईसी और एसबीआई ने भी पैसा लगाया है। अडानी समूह में एलआईसी और सीबीआई का भी पैसा लगा है। यहां पर एलआईसी के 27 करोड़ पालिसी होल्डर तथा एसबीआई के यह करोड़ खाता धारकों के विश्वास और हितों का सवाल है। यह भारत सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल है। मोदी सरकार अपनी समूह के इस घपलेबाजी की ईडी और सेबी से जांच कराये। मोदी सरकार अडानी के घपले की जांच ईडी से क्यों नहीं करवा रही है? क्या ईडी की स्थापना सिर्फ भाजपा के राजनैतिक विरोधियो के खिलाफ षडयंत्र करने के लिये किया गया है?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि फोरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म हिंडेनबर्ग ने एक जारी रिपोर्ट में बताया कि अडाणी ग्रुप की सभी 7 प्रमुख लिस्टेड कंपनियों पर काफी ज्यादा कर्ज है। अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर 85 प्रतिशत से ज्यादा ओवरवैल्यूड भी हैं। अडाणी ग्रुप ने शेयरों में हेरफेर की। अकाउंटिंग में धोखाधड़ी की गई है। अडाणी ग्रुप कई दशकों से मार्केट मैनिपुलेशन, अकाउंटिंग फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा है। हिडनबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया कि ’दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स ने कैसे कॉरपोरेट इंडस्ट्री की सबसे बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया?’ रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर धोखाधड़ी करके कंपनियों की मार्केट वैल्यू को मैन्यूप्लेट करने के बेहद पांच गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पहला : अडानी ग्रुप की कंपनियों ने शेयरों की कीमत को मैनिपुलेट किया है और अकाउंटिंग फ्रॉड किया है.
दूसरा : अडानी ग्रुप ने विदेशों में कई कंपनियां बनाकर टैक्स बचाने का काम किया है.
तीसरा : मॉरिशस और कैरेबियाई द्वीपों जैसे टैक्स हैवन देशों में कई बेनामी कंपनियां हैं, जिनकी अडानी ग्रुप की कंपनियों में हिस्सेदारी है.
चौथा : अडानी की लिस्टेड कंपनियों पर भारी कर्ज है, जिसने पूरे ग्रुप को एक अस्थिर वित्तीय स्थिति में डाल दिया है.
पांचवा : ऊंचे मूल्यांकन की वजह से कंपनी के शेयरों की कीमत 85 फीसदी तक ज्यादा बताई जा रही है।

आनंद शुक्ला ने कहा कि ’हिंडनबर्ग रिसर्च’ एक विश्वसनीय फॉरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म है जिसकी दुनिया भर में इज्जत है। यह कंपनी इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव्स का विश्लेषण करती है. हिंडनबर्ग में किसी भी कंपनी में हो रही गड़बड़ी का पता लगाकर उस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती है और फिर उसे पब्लिश किया जाता है. इनमें अकाउंटिंग में गड़बड़ी, मैनेजमेंट के स्तर पर खामियां और अनडिस्क्लोज्ड रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस जैसे कारकों पर विशेष तौर पर गौर किया जाता है. यह प्रॉफिट कमाने के लिए टारगेट कंपनी के खिलाफ बेट लगाती है. फर्म की वेबसाइट पर लिखा गया है कि यह मानव निर्मित आपदा ;डंद.डंकम क्पेंजमतेद्ध पर नजर रखती है। कंपनी पर आरोप लगा कर आरोपो से बचा नहीं जा सकता।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अडानी समूह अपने खिलाफ आये इस खुलासे को भारत पर आक्रमण बताकर देश की जनता के बीच सहानूभूति हासिल करने का प्रपंच रच रहा है। अडानी समूह के इस धोखाधड़ी से देश शर्मसार हुआ है तथा भारत की छवि दुनिया के सामने गिरी है। अडानी समूह की प्रधानमंत्री मोदी से निकटता किसी से छिपी नहीं है। यदि अडानी समूह कोई फ्राड कर रहा तो प्रधानमंत्री को देश की जनता को इसका जवाब देना चाहिये।

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