छातामुड़ा रोड पर राइस मिलों का बेकाबू प्रदूषण! आमजन हलाकान, स्कूली बच्चे तक धुएं–भूसे की चपेट में

रायगढ़/छत्तीसगढ़। छातामुड़ा चौक से पटेलपाली रोड की ओर बढ़ते ही एक भयावह दृश्य सामने आता है
जहां दर्जनों राइस मिलें खुलेआम वायु और जल प्रदूषण फैलाते हुए नजर आती हैं। पर्यावरण विभाग की चुप्पी और प्रशासनिक उदासीनता ने हालात इतने गंभीर कर दिए हैं कि स्थानीय ग्रामीण, किसान और स्कूल के छोटे बच्चे तक इस ज़हरीले वातावरण में जीने को मजबूर हो गए हैं।
IDP24 News रायपुर की रायगढ़ टीम ने मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति जानी। जांच में पाया गया कि रायगढ़ सॉल्वेंट, सिद्धिविनायक राइस मिल और सावित्री राइस मिल से निकलने वाला धुआं, धूल-भूसा और गंदा पानी पूरे इलाके को बीमार कर रहा है।

20 एकड़ कृषि भूमि बर्बादी की कगार पर
इन मिलों का गंदा पानी बिना किसी उपचार के सीधे नालों में छोड़ा जा रहा है, जो आगे बहकर सहदेवपाली के खेतों तक पहुंचता है।
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 20 एकड़ उपजाऊ जमीन लगातार दूषित जल के कारण बंजर होने की कगार पर है।
मिट्टी की गुणवत्ता तेजी से घट रही है और फसलों की उत्पादन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
गांव में चारों ओर भूसे की चादर
सहदेवपाली और आसपास के गांवों में हर तरफ राइस मिलों का भूसा उड़ता दिखाई देता है।
घर, सड़क, पेड़, वाहन—सब पर भूसे की मोटी परत जम जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि हवा में उड़ता हुआ भूसा सांस लेना तक मुश्किल बना देता है।
सबसे दर्दनाक तस्वीर – स्कूल के नौनिहाल प्रभावित
जांच के दौरान जो सबसे चौंकाने वाला दृश्य सामने आया, वह सहदेवपाली स्थित प्राथमिक शाला का था।
कक्षाओं में भूसे की परतें
बच्चों की यूनिफॉर्म और बैग भूसे से ढके
हवा में धूल-भूसे का बादल
बच्चों का सांस लेना, पढ़ना, चलना—सब दूषित हवा की वजह से प्रभावित है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा वातावरण बच्चों में अस्थमा, एलर्जी और फेफड़ों के संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।
कई शिकायतें हुईं, पर कार्रवाई नहीं – ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों और किसानों ने कई बार संबंधित विभागों को शिकायत की, लेकिन अधिकारियों ने या तो मामला टाल दिया या कार्रवाई का आश्वासन देकर फाइल बंद कर दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक दबाव और प्रभाव के चलते शिकायतें कागज़ों में ही दफन हो जाती हैं।
ग्रामीणों की मांग – तीनों मिलों पर तत्काल कार्रवाई हो
स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और पर्यावरण विभाग से आग्रह किया है कि:
सिद्धिविनायक राइस मिल
रायगढ़ सॉल्वेंट
सावित्री राइस मिल
इन तीनों इकाइयों पर तत्काल जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
साथ ही प्राथमिक शाला के बच्चों और गांव के लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
वरना आने वाले वर्षों में गंभीर बीमारियों का खतरा
यदि यह प्रदूषण जारी रहा, तो डॉक्टरों की मानें तो इस पूरे
क्षेत्र में आने वाले वर्षों में:
श्वसन रोग
त्वचा रोग
जलजनित बीमारियाँ
कृषि भूमि का तेजी से क्षरण
जैसी स्थितियाँ और अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं।
IDP24 News प्रशासन से सवाल पूछता है:
आखिर राइस मिलें बिना प्रदूषण नियंत्रण के कैसे चल रही हैं?
20 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित होने के बावजूद विभाग मौन क्यों?
स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?









