Chhattisgarh

खुशी से खिल उठे वन अधिकारियों के चेहरे, गरियाबंद उदंति सीतानदी टाईगर रिजर्व में कई दशक बाद दिखा बाघ

गरियाबंद उदंति सीतानदी के टाइगर रिजर्व में कई दशक से अधिक समय के अंतराल के बाद आखिरकार एक नर बाघ देखा गया है. वन विभाग के मुताबिक ऑल इंडिया टाइगर स्टीमेंशन 2022 के अंतर्गत फेज-3 में ट्रैप कैमरा लगाया गया है. एक्सरसाइज के दौरान 31 अक्टूबर 2022 को उदंति सीतानदी टाईगर रिजर्व में बाघ की फोटो कैमरा में कैद हो गई. बाघ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अभी उसकी लोकेशन का सही पता नहीं बताया गया है,वही उदंति सीतानदी टाईगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन ने इसकी पुष्टि की है.

अरसे बाद दिखा उदंति सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघ

वर्षों पहले यहाँ वन विभाग द्वारा बाघ दिखने की बात कही गई थी . लेकिन उड़ीसा राज्य की होने की सम्भवना भी व्यक्त की जा रही थी ,इसके बाद उनके दिखने की कोई खबर नहीं आई. बाघों की निशानदेही के लिए वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए, लेकिन उसमें भी कुछ हालिस नहीं हुआ.

वन विभाग द्वारा कुछ वर्ष पूर्व में बाघ के मल के तीन सैम्पल भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून डब्लू टी.आई को भेजा गया है, जिसकी पुष्टि भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के द्वारा की गई है. एक से ज्यादा बाघ होने की पुष्टि डी.एन. सिक्वेसिंग रिर्पोट जो कि फरवरी /अप्रेल 2023 में प्रेषित की जाएगी. उसके आने के बाद हो पाएगी.

उदंति सीतानदी टाईगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन ने बताया कि ट्रैप कैमरे में  मिले फोटो एंव पगमार्ग से नर बाघ के प्रमाण मिले हैं, टाईगर रिजर्व में प्रशासन द्वारा विगत वर्षो से लगातार बाघ की टैकिंग मांनिटरिंग एंव रहवास विकास कार्य किया जा रहा है.

एआईजी राष्ट्रीय बांघ संरक्षण प्राधिकरण के द्वारा उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व प्रंबधन को विशेषकर वन अधिकारी कर्मचारी को बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद होने पर बधाई दी गई है.

बता दें कि बाघ को लुप्त होने से बचाने के लिए  करोड़ों रुपये खर्च होते हैं. वहीं वनकर्मियों की लंबी फ़ौज भी यहां तैनात है, लेकिन बाघ नहीं देखे जाने की वजह से इनके औचित्य पर सवाल उठने लगे थे. वही उन्दती टाइगर रिजर्व में करीब कई दशक बाद बाघ की तस्वीर कैमरे में क़ैद हो जाने पर खुशी से खिल उठे वन अधिकारियों के चेहरे

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