बिलासपुर भाजपा बैठक में बवाल, मेयर और पार्षदों के बीच तीखी बहस

बिलासपुर : नगर निगम की सामान्य सभा 13 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें चालू वित्तीय वर्ष का बजट पेश होना है। इसी को लेकर भाजपा की ओर से मेयर और पार्षदों की रणनीति बैठक आयोजित की गई थी। लेकिन यह बैठक सियासी रणनीति के बजाय आपसी विवाद के कारण सुर्खियों में आ गई।
बैठक में बढ़ी तल्खी, कांग्रेस तक पहुंची चर्चा
जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित इस बैठक में मेयर और कुछ पार्षदों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति यह रही कि भाजपा की बैठक में कांग्रेस का जिक्र होने लगा और पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर एक दूसरे पर आरोप लगाए जाने लगे।
सफाई व्यवस्था के मुद्दे से भड़का विवाद
बैठक की शुरुआत में पार्षद रंगा नादम ने शहर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने सफाई ठेका कंपनी को एक्सटेंशन देने और दर में बढ़ोतरी को लेकर मेयर से सवाल किए। इसी मुद्दे पर बहस शुरू हुई, जो धीरे धीरे व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोपों तक पहुंच गई।
वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद के दौरान बैठक में मौजूद वरिष्ठ पार्षद और पार्टी पदाधिकारी चुप्पी साधे रहे। उनकी इस भूमिका को लेकर अब कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी किसकी थी और क्यों समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया।
गुटबाजी की अटकलें तेज
बैठक के बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चा भी जोर पकड़ने लगी है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से निगम की राजनीति में मतभेद बढ़े हैं और कुछ पार्षद नेतृत्व के कामकाज से नाराज हैं। ऐसे में यह विवाद उसी असंतोष का परिणाम माना जा रहा है।
विधायकों की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चर्चाएं
बैठक में जिले के भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। खासतौर पर शहर विधायक Amar Agrawal की तबीयत खराब होने के कारण उनकी गैरमौजूदगी को लेकर भी तरह तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
बजट बैठक से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
नगर निगम की सामान्य सभा से ठीक पहले इस तरह का विवाद सामने आना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस स्थिति को कैसे संभालती है और आने वाली बैठक में विपक्ष के हमलों का किस तरह जवाब देती है।









