धर्म परिवर्तन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बड़ी बात…पढ़े पूरी खबर

नई दिल्ली / धर्मान्तरण देश व्यापी मुद्दा है धर्मान्तरण के इस आग में कई राजनैतिक पार्टिया अपनी रोटी सेक रहे है। वहीँ देश में बढ़ाते धर्मान्तरण और लव जिहाद जैसे मामले की वजह से धार्मिक विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। मंगलवार को विवाह के लिए धर्मांतरण के खिलाफ ‘लव जिहाद’ के नाम पर देश के कई राज्यों में पेश किये गए याचिकाओं की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमति जताई है। इसके लिए समाज सेवी संस्था ‘सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस’ की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सी.यू. सिंह ने भारत के चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस जेबी पारदीवाला को लिस्ट बनाने के लिए आग्रह किया है।
धर्म परिवर्तन ” राइट ऑफ चॉइस “
सिंह की पीठ ने कहा कि पहले भी 2018 में शफीन जहां मामले में न्यायालय ने कहा था की धर्म परिवर्तन करना ” राइट ऑफ चॉइस ” का अहम् हिस्सा है अगर कोई अपनी मर्जी से धर्म बदलना चाहता है तो उसे कोई रोक नहीं सकता।
मिली जानकारी के अनुसार सिंह की पीठ ने जिन याचिकाओं को दर्शाया है वह उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन , अयोध्या 2020 और उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम , 2018 के अधिनियम संवैधानिक वैधता को टक्कर देता है। हलाकि की सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं की सुनवाई के लिए सहमति जताई है।









