शिक्षा मंत्री का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया दुख , दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा

BREAKING NEWS : झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का चेन्नई में निधन हो गया है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए ये जानकारी साझा की है. उन्होंने लिखा, ‘हमारे टाइगर जगरनाथ दा नहीं रहे! आज झारखंड ने अपना एक महान आंदोलनकारी, जुझारू, कर्मठ और जनप्रिय नेता खो दिया. चेन्नई में इलाज के दौरान आदरणीय जगरनाथ महतो जी का निधन हो गया. परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवार को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे.
दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा
झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री जरनाथ महतो के निधन पर दो दिनों का राजकीय शोक मनाने का निर्णय लिया है. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के सम्मान में दो दिनों का राजकीय शोक मनाया जाएगा. आज यानी 6 अप्रैल से 7 अप्रैल तक राजकीय शोक होगा. इस दौरान सभी भवनों जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराये जाते हैं, पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झूका रहेगा. इस दौरान किसी भी प्रकार का राजकीय समारोह नहीं होगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि छह अप्रैल यानी आज राज्य के सभी कार्यालय बंद रहेंगे. मंत्री मंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से यह अधिसूचना ज्वाइंट सेक्रेटरी अखिलेश कुमार सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है.
बजट सत्र के दौरान बिगड़ी थी तबीयत
जगरनाथ महतो पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे. 14 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. जिस कारण उन्हें रांची के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि बाद में सीएम सोरेन की सलाह पर उन्हें तत्काल एयरलिफ्ट करके चेन्नई ले जाया गया था. चेन्नई के बड़े अस्पताल में डॉक्टर्स की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था. लेकिन गुरुवार सुबह उनका निधन हो गया. शिक्षा मंत्री के निधन की खबर से झारखंड के राजनीति गलियारों में शोक की लहर है. सभी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
बाबूलाल मरांडी ने भी दी श्रद्धांजलि
‘बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने भी ट्वीट कर शिक्षा मंत्री को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने लिखा, ‘झारखंड सरकार के मंत्री श्री जगरनाथ महतो जी के चेन्नई के अस्पताल में निधन की बेहद दुःखद सूचना मिली है. लंबे समय से बीमारी को हराते हुए योद्धा की भांति डंटे रहने वाले जगरनाथ जी का चले जाना पूरे झारखंड के लिए अत्यंत दुखदायी है. राजनैतिक भिन्नताओं के बावजूद व्यक्तिगत रूप से उनकी जीवटता का मैं सदैव प्रशंसक रहा हूं. ईश्वर उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें. भावभीनी श्रद्धांजलि. ॐ शांति ॐ शांति.’









