मुख्य सचिव और एसीएस वित्त के खिलाफ गैर जमानती वारंट…जानें क्या है मामला

प्रयागराज / यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा और एसीएस वित्त प्रशांत त्रिवेदी बुरे फंस गए। इन अफसरों की मनमानी से नाराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों अफसरों के खिलाफ वारंट जारी किया है। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव और ACS वित्त को व्यक्तिगत पेशी से कोई छूट नहीं दी है। उन्हें खुद हाजिर होने के आदेश जारी किए हैं। सीजेएस लखनऊ ने दोनों अफसरों को वारंट भेजा है। कोर्ट की सख्ती से हड़कंप मच गया है।
वित्त सचिव और विशेष सचिव को दी जमानत
हाईकोर्ट ने वित्त सचिव और विशेष सचिव को रात में जमानत पर छोड़ा दिया है। लेकिन, आज गुरुवार को विशेष सचिव से लेकर मुख्य सचिव तक की पेशी इलाहाबाद हाईकोर्ट में 11 बजे होगी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पैसा रोकने के मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इसी क्रम में अफसरों को कोर्ट में पेश होने के वारंट जारी किया गया है।
गैर जमानती वारंट
मुख्य सचिव और ACS वित्त की व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया गया है। सीजेएस लखनऊ ने दोनों अफसरों को वारंट भेज दिया है। मुख्य सचिव और एसीएस वित्त के खिलाफ गैर जमानती वारंट भेजा।
कल जब यह खबर आई कि हाईकोर्ट ने अवमानना के मामले में वित्त सचिव और विशेष सचिव को हिरासत में लेने के निर्देश दिए हैं तो पूरी ब्यूरोक्रेसी सन्न रह गई। ऐसा पहली बार हुआ था कि हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल हिरासत में लेने के निर्देश दिए थे। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका लगाई गई, जिसके बाद दोनों अधिकारियों को देर रात रिहा कर दिया गया। साथ ही, मुख्य सचिव और एसीएस के खिलाफ वारंट (Bureaucracy Breaking) पर भी स्टे लगा दिया है।









