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Sawan Shivratri : कब है सावन मास की शिवरात्रि ? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और सम्पूर्ण पूजा विधि

हिंदू धर्म में सावन महीने की शिवरात्रि का खास महत्व होता है। इस दिन महादेव के भक्त विधि-विधान से शिवजी की पूजा करते हैं और व्रत भी रखते हैं। ऐसा करने से भक्तों पर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है। शिवरात्रि के साथ-साथ सावन का पूरा महीना शिवजी और माता पार्वती की पूजा-पाठ के लिए समर्पित होता है। यही कारण है कि सावन के महीने की शिवरात्रि बेहद खास होती है। सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। वहीं, इस बार शिवरात्रि पर आर्द्रा नक्षत्र संयोग भी बन रहा है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बात सावन की शिवरात्रि का व्रत कब रखा जाएगा, इस दिन का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में…

सावन शिवरात्रि 2025 तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस साल 23 जुलाई, बुधवार के दिन सुबह 04 बजकर 40 मिनट से शुरू हो जाएगी। वहीं, 23 तारीख को मध्य रात्रि में 02 बजकर 29 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। ऐसे में 23 तारीख के दिन ही शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा और इसी दिन रुद्राभिषेक भी होगा। माना जाता है कि शिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करने से भक्तों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। वहीं, इस बार सावन शिवरात्रि पर आर्द्रा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है और चंद्रमा मिथुन राशि में होंगे।

सावन शिवरात्रि 2025 व्रत पूजा विधि
० इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद, व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थल को सजा लें।
० मंदिर में एक चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। अब माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा चौकी पर रखें।
० इसके बाद, कच्चा दूध, दही, गंगाजल और जल के साथ शिवजी का अभिषेक करें और फिर, भोलेनाथ को चंदन का तिल भी अवश्य लगाएं।
० साथ ही, माता पार्वती को कुमकुम का तिलक लगाएं। अब देसी घी का दीपक शिव भगवान और पार्वती के सामने रखें।
० इसके बाद, विधि-विधान से शिवजी की पूजा करें और आरती व शिव चालीसा का पाठ भी अवश्य कर लें।
० पूजा समाप्त होने के बाद भगवान शिव को फल और मिठाई का भोग लगाएं।

Surendra Sahu

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