Chhattisgarh

राजिम कुंभ कल्प में महाशिवरात्रि पर आस्था, परंपरा और शौर्य का दिखा अद्भुत संगम

 रायपुर। राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प के अंतिम दिवस महाशिवरात्रि पर आस्था, परंपरा और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। नागा साधुओं और विभिन्न अखाड़ों के संतों ने संत समागम स्थल से सुबह 7 बजे ऐतिहासिक शाही शोभायात्रा निकाली। राउत नाचा, डीजे धुमाल, नगाड़ों की गूंज, जयघोष और भक्तिमय वातावरण के बीच निकली यह शोभायात्रा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही।

Related Articles

शोभायात्रा संत समागम स्थल से प्रारंभ होकर श्री कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के पीछे मार्ग से नेहरू बाल उद्यान, राजिम पुल, पं. सुंदरलाल शर्मा चौक, गौरवपथ और वीआईपी मार्ग होते हुए मेला परिसर स्थित शाही कुंड पहुंची। मार्ग में राजिम और नवापारा के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुष्पवर्षा कर संतों का भव्य स्वागत किया गया। सुसज्जित पालकियों, शाही बग्घियों और घोड़ों पर सवार संतों की गरिमामयी उपस्थिति ने शोभायात्रा को अलौकिक स्वरूप दिया। नागा बाबाओं ने तलवार, फरसा और अन्य अस्त्र-शस्त्रों के साथ शौर्य प्रदर्शन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। अखाड़ों की परंपरागत युद्धकला और अनुशासन का प्रदर्शन देखते ही बन रहा था।शाही कुंड पहुंचकर नागा साधुओं ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया और जयघोष के बीच कुंड में आस्था की डुबकी लगाई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, राजिम विधायक रोहित साहू और अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी ने भी नागा साधुओं के साथ शाही स्नान किया।

शाही शोभायात्रा में श्री पंच दशनामी सन्यासी अखाड़ा, अखिल भारतीय पंच रामानंदी वैष्णव अखाड़ा सहित विभिन्न अखाड़ों और पंथों के संत शामिल हुए। विदेशी पर्यटकों ने भी इस अद्भुत दृश्य का आनंद लिया। विभिन्न देशों से पहुंचे विदेशी पर्यटक इस दृष्य को अपने कैमरे में कैद करते दिखे। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बीच पूरा आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Desk idp24

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!