बड़ी कार्रवाई : रिश्वतखोर बीईओ और संकुल समन्वयक गिरफ्तार, 10 हजार लेते रंगे हाथ पकड़े गए

सारंगढ़ जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े एक गंभीर भ्रष्टाचार मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की संयुक्त टीम ने रिश्वत लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी और संकुल समन्वयक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों पर बीमार शिक्षक से वेतन जारी करने के नाम पर अवैध राशि मांगने का आरोप है।
बीमार शिक्षक का वेतन रोककर मांगी गई रिश्वत, खुला पूरा खेल
पूर्व माध्यमिक शाला झीकीपाली के शिक्षक निरंजन बरिहा ने बिलासपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी थी। उनका कहना था कि मार्च महीने के दौरान स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे अपने साथी शिक्षक मुकेश सोना के साथ रायगढ़ मेडिकल कॉलेज इलाज कराने गए थे। इसी कारण स्कूल आने में देरी हुई।
इसके बाद बरमकेला के खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र जांगड़े की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। शिक्षकों ने जवाब भी प्रस्तुत किया, लेकिन इसके बावजूद मार्च महीने का वेतन रोक दिया गया।
पांच हजार प्रति शिक्षक की मांग, कुल रकम 10 हजार तय
वेतन जारी करने के एवज में खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र जांगड़े ने दोनों शिक्षकों से 5000-5000 रुपये की मांग की। कुल मिलाकर 10 हजार रुपये रिश्वत तय की गई। शिकायतकर्ता शिक्षक रिश्वत देने के बजाय भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करना चाहते थे।
शिकायत सत्यापन के बाद बिछाया गया ट्रैप, दोनों आरोपी पकड़े गए
एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान संकुल समन्वयक संजय चौहान की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद 17 अप्रैल को सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र जांगड़े और संकुल समन्वयक संजय चौहान को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
शिक्षक समुदाय में आक्रोश, लंबे समय से चल रही थी वसूली की शिकायत
स्थानीय शिक्षकों के अनुसार संबंधित अधिकारी पर पहले से ही अनावश्यक दबाव और वसूली के आरोप लगते रहे हैं। कई शिक्षक इस व्यवहार से परेशान थे और पहले भी शिकायत करने की बात सामने आई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई शुरू
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।









