Chhattisgarh
बिलासपुर हाई कोर्ट ने देवेंद्र डडसेना की जमानत खारिज की…कोयला लेवी घोटाले में आरोपित की भूमिका गंभीर

बिलासपुर। 3 अप्रैल 2026 | छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कोयला लेवी घोटाले के मास्टरमाइंड सूर्यकांत तिवारी के करीबी देवेंद्र डडसेना की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने कहा कि आर्थिक अपराध गंभीर श्रेणी के होते हैं और ऐसे मामलों में जमानत देने में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
कोयला लेवी घोटाले का मामला
- अवधि: जुलाई 2020 से जून 2022
- राशि: लगभग 570 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली
- शिकायत: कोल परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली
- शामिल लोग: कई नौकरशाह, कारोबारी और अन्य, दो पूर्व मंत्री और विधायकों समेत कुल 36 लोग
जांच में सामने आया कि वसूली के लिए वॉट्सऐप ग्रुप्स (पाल, दुर्ग, वीकली, टावर, जुगनू) बनाए गए थे और बातचीत कोडवर्ड में होती थी।
देवेंद्र डडसेना की कथित भूमिका
- सूर्यकांत तिवारी का करीबी और सिंडिकेट की अहम कड़ी
- अवैध वसूली की रकम लेने और बांटने का आरोप
- जांच में 52 करोड़ रुपये के लेन-देन के साक्ष्य सामने आए
- आरोपियों का दावा: झूठा फंसाया गया, केवल सह-आरोपी के बयान हैं
हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपी की भूमिका गंभीर और सक्रिय रही है। साक्ष्य से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की संभावना है।
हाई कोर्ट की टिप्पणी
- आर्थिक अपराध समाज और अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं
- ये अपराध योजनाबद्ध और संगठित तरीके से किए जाते हैं
- अत्यधिक राशि और अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत न्याय के हित में नहीं होगी
कोयला लेवी घोटाले का विस्तार
- ED की जांच में खुलासा: कोल परिवहन में ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करके अवैध वसूली की गई
- IAS अधिकारियों, व्यापारियों और सूर्यकांत तिवारी समेत कई आरोपी गिरफ्तार
- प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ACB-EOW जांच कर रही हैं









