National

congress का रिपोर्ट कार्ड जारी, पीसीसी चीफ की लिस्ट में कई नेता रेड जोन में, देखें नाम

 ग्वालियर :  मध्य प्रदेश के विधानसभान चुनाव से पहले पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सर्वे कराया है। जिसमें ग्वालियर-चंबल संभाग के कई विधायक डेंजर जोन में है। कहा जा रहा है, ये पहला इंटरनल सर्वे के नतीजे जब से लीक हुए हैं, ग्वालियर-चंबल के तमाम कांग्रेस विधायकों के चेहरों की हवाईयां उड़ गई हैं। यहां तक की उन जिलों के प्रभारियों की भी है। जिन्हें कांग्रेस को मजबूत करने की जिम्मेदारी जिले पर स्तर पर दी गई थी।

पार्टी ने कराया था सर्वे

ग्वालियर-चंबल में 8 जिले हैं। जिनमें विधानसभा की 34 सीटें हैं। यहां से जिसके पास जितनी ज्यादा सीटें होंगी, उसकी सत्ता तक की राह उतनी ही आसान होगी। 2018 में यहां 34 सीटों में से कांग्रेस ने 26 सीटें जीती थीं। जबकि बीजेपी को 7 सीट ही मिली थी। कमलनाथ सरकार गिरने के बाद हुए उपचुनाव में ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों में सात सीट ही कांग्रेस के खाते में पहुंची थी, लेकिन कांग्रेस इस क्षेत्र में 2018 के परिणामों को फिर से दोहराने की तैयारी में है। इसलिए सर्वे करा रही है। अब कमलनाथ का जो सर्वे हाल में हुआ है, उसमें ऐसे कई विधायक है। जिनकी रिपोर्ट अच्छी नही है।

अध्यक्ष की लिस्ट में ये नेता रेड जोन में शामिल

-भिंड जिले की गोहद विधानसभा से मेवाराम जाटव, सर्वे रिपोर्ट निगेटिव है।
-मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा रविंद्र सिंह तोमर की रिपोर्ट ज्यादा अच्छी नही है।
-सुमावली विधानसभा के अजब सिंह कुशवाह पर कई मामले दर्ज हो चुके है। सबसे ज्यादा धोखाधड़ी के मामले दर्ज है।
-श्योपुर विधायक बाबू सिंह जड़ेल की रिपोर्ट निगेटिव है।
-ग्वालियर जिले की डबरा विधानसभा से सुरेश राजे को लेकर रिपोर्ट अच्छी नहीं है।

दूसरे सर्वे रिपोर्ट का इंतजार

 वहीं कमलनाथ की सर्वे रिपोर्ट पर कांग्रेस के विधायक सतीश सिकरवार का कहना है। ऐसे सर्वे होते रहना चाहिए। जिससे विधायकों को खुद का आंकलन भी पता चलाता है। कहा ये भी जा रहा है कि मध्य प्रदेश में हुए कांग्रेस विधायकों के सर्वे में कुल 95 कांग्रेस विधायकों में से 27 विधायक रेड जोन में बताए गए हैं, जिनमें ग्वालियर-चंबल के विधायक की संख्या ज्यादा हैं। इन विधायकों को अब दूसरे सर्वे के नतीजे का इंतजार है जो कुछ हफ्तों में आएंगे।

इन्हें सौंपा गया जिम्मा

वहीं बीजेपी इस सर्वे पर चुटकी ले रही है। ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर कहते है, 2018 में ग्वालियर-चंबल के मतदाताओं से गलती हो गयी थी। लेकिन, अब नहीं होगी। गौरतलब, है कि पीसीसी चीफ कमलनाथ ने रेड जोन वाले विधायकों के जिलों में हाल में नियुक्त संगठन जिला प्रभारियों की हैसियत एकदम से ताकतवर हो गई है। क्योंकि टिकट बंटवारे के वक्त इन्हीं जिलाप्रभारियों की रिपोर्ट के हिसाब से कांटछांट होगी। तो वहीं ग्वालियर-चंबल में ग्वालियर में अजय सिंह गुट के महेंद्र सिंह चौहान तो भिंड में दिग्विजय के अनुयायी वासुदेव शर्मा को जिम्मा सौंपा गया है। बहरहाल अब देखना ये होगा जो विधायक अभी पीसीसी चीफ की लिस्ट में डेंजर जोन में है वो अपनी कैसे छवि बदलते है, जिससे 2023 में अपना टिकट पकवा करवा सकें।

Surendra Sahu

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!