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देश के कई राज्यों से मंगवाकर लगाई गई है अलग-अलग चीजे…जानते हैं क्या हैं खास नई संसद में

नई संसद का उद्घाटन रविवार को पीएम मोदी ने कर दिया। उन्होंने कहा की 140 करोड़ देशवासियों के सपनों का प्रतिबिंब है ये नया संसद भवन। उद्घाटन के दौरान कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान सभ धर्मों के धर्म गुरू मौजूद रहे। वहीं तमिलनाडु से आए विशेष पंड़ितों ने पूजा पाठ के माध्यम से नए भवन का उद्घाटन करवाया। 

क्या क्या है नए संसद भवन में
बीजेपी के संगठन मंत्री बीएल संतोष ने ट्वीट कर नई संसद की कुछ झलकियां दिखाई। उन्होंने लिखा यह एक बिल्डिंग ही नहीं है। यह भारत की गर्वित सभ्यता को आगे बढ़ाने वाला है।

संविधान हॉल भवन के बीचोंबीच बना है। इसके ऊपर अशोक स्तंभ लगा हुआ है। बताया गया कि इस हॉल में संविधान की कॉपी रखी जाएगी। इसके साथ ही महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस समेत देश के प्रधानमंत्रियों की बड़ी तस्वीरें भी लगाई गई हैं। 

नए संसद भवन में कितनी सीटें है 
नए संसद भवन की लोकसभा में 888 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोगों के बैठने का इंतजाम है। नई राज्यसभा में 384 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोगों के बैठने की क्षमता है। दोनों सदनों के जॉइंट सेशन के वक्त लोकसभा में ही 1272 से ज्यादा सांसद साथ बैठ सकते हैं।  

राजस्थान से गया है बलुआ पत्थर  
नए संसद भवन के निर्माण के लिए बलुआ पत्थर राजस्थान के सरमथुरा से, सागौन की लकड़ी महाराष्ट्र के नागपुर से मंगाई गई है। कार्पेट उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से तो त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से बांस की लकड़ी की फ्लोरिंग मंगवाई गई है।

औरंगाबाद-जयपुर से अशोक प्रतीक 
अशोक प्रतीक को महाराष्ट्र के औरंगाबाद और राजस्थान के जयपुर से मंगवाया गया है। अशोक चक्र को मध्य प्रदेश के इंदौर से लिया गया है। वहीं मीडिया रिपोर्ट की माने तो लाल लाख राजस्थान के जैसलमेर और अंबाजी से सफेद संगमरमर पत्थर खरीदे गए हैं। केसरिया ग्रीन स्टोन उदयपुर से मंगवाया गया है।

Desk idp24

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