आज का पंचांग : करें कालाष्टमी, शुक्रवार व्रत, बनी रहेगी सुख समृद्धि, जानें, शुभ अशुभ समय, नक्षत्र, योग

आज का पंचांग : सप्ताह का सातों दिन किसी ना किसी देवी-देवता की पूजा-आराधना के लिए समर्पित है. शुक्रवार का दिन तीन देवियों को समर्पित है. मां लक्ष्मी, मां दुर्गा और मां संतोषी, इनकी पूजा करने से घर में सुख शांति, धन-दौलत और समृद्धि आती है. साथ ही आज कालाष्टमी व्रत भी है. इस व्रत में शंकर भगवान के रौद्र रूप काल भैरव की भक्त पूजा करते हैं. मान्यता है कि कालाष्टमी का व्रत रखने से घर में सुख शांति,
शुभ फल की प्राप्ति होती है. आपकी जिंदगी में मौजूद सभी दुख-दर्द, कष्ट, परेशानियां दूर हो सकती हैं. कालाष्टमी पर शंकर जी और मां पार्वती की पूजा-पाठ करने और व्रत रखने से बेहद लाभ होते हैं. सुबह उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और फिर पूजा की शुरुआत करें. काल भैरव जी की मूर्ति के सक्षम व्रत का संकल्प लें. फूल, बेलपत्र, धतूरा, दही आदि चढ़ाएं. धूप, अगरबत्ती, दीपक जलाएं. इस दौरान आप मंत्रों का जाप भी करते रहें. व्रत का पारण आप अगले दिन कर सकते हैं. साथ ही उन लोगों को दान दें, जिन्हें जरूरत हो.
शक्रवार के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी, मां दुर्गा और संतोषी जी की भी पूजा की जाती है. ऐसा करने से घर में कभी भी धन-दौलती, खुशियों की कमी नहीं होती है. सदा भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त हों, इसके लिए आप आज के दिन शुक्र ग्रह की भी पूजा कर सकते हैं. शाम के समय लक्ष्मी मां की पूजा करनी चाहिए. पूजा के समय आप उन्हें अक्षत, सिंदूर, सुपारी, कमल का फूल, नारियल, पान,
सुपारी आदि अर्पित करें. प्रसाद में आप लक्ष्मी जी को खीर, बताशे आदि से भोग लगा सकते हैं. पूजा के समय आप लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें. इसके साथ ही, शुक्रवार व्रत की कथा सुनें एवं पढ़ें. कुंडली में शुक्र ग्रह दोष है तो दूर करने के लिए शुक्र बीज मंत्रों का जब करें. आइए जानें, आज के पंचांग के अनुसार, जानते हैं करण, योग, नक्षत्र, राहुकाल, दिशाशूल, शुभ अशुभ समय आदि.
12 मई 2023 का पंचांग
आज की तिथि – ज्येष्ठ कृष्णपक्ष सप्तमी
आज का करण – बव
आज का नक्षत्र – श्रवण
आज का योग – शुक्ल
आज का पक्ष – कृष्ण
आज का वार – शुक्रवार
आज का दिशाशूल –पश्चिम
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 06:00:00 AM
सूर्यास्त – 07:11:00 PM
चन्द्रोदय – 25:34:59
चन्द्रास्त – 11:35:00
चन्द्र राशि– मकर
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:30:12
मास अमांत – वैशाख
मास पूर्णिमांत – ज्येष्ठ
शुभ समय – 11:50:37 से 12:44:37 तक
अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 08:14:33 से 09:08:34 तक
कुलिक– 08:14:33 से 09:08:34 तक
कंटक– 13:38:38 से 14:32:39 तक
राहु काल– 10:57 to 12:35
कालवेला/अर्द्धयाम– 15:26:40 से 16:20:41 तक
यमघण्ट– 17:14:42 से 18:08:43 तक
यमगण्ड– 15:40:10 से 17:21:27 तक
गुलिक काल– 07:39 to 09:18









