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Football Clash: गिनी में फुटबॉल मैच के दौरान प्रशंसकों के बीच हुई झड़प , 100 से ज्यादा के मरने की आशंका; पुलिस स्टेशन भी जलाया

गिनी। गिनी के दूसरे सबसे बड़े शहर एन’जेरेकोर में रविवार को एक फुटबॉल मैच के दौरान प्रशंसकों के बीच हुई झड़प में दर्जनों लोगों की मौत हो गई। हालांकि, एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर मीडिया से बात करते हुए एएफपी को बताया, ‘अस्पताल में जहां तक आंख देख सकती है, वहां शव कतार में पड़े हैं। मुर्दाघर भरा हुआ है। लगभग 100 लोग मारे गए हैं।’

पुलिस स्टेशन भी जलाया
सोशल मीडिया पर इस हिंसा के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। इस वीडियो में मैच के बाहर सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल दिख रहा है और कई शव जमीन पर पड़े हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने एन’जेरेकोर पुलिस स्टेशन में भी तोड़फोड़ की और आग लगा दी।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी कहानी
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘यह हिंसा मैच रेफरी द्वारा एक विवादित निर्णय के साथ शुरू हुआ। इसके बाद फैंस ने पिच पर हमला कर दिया।’ स्थानीय मीडिया ने कहा कि यह मैच गिनी के जुंटा नेता ममादी डौंबौया के सम्मान में आयोजित एक टूर्नामेंट का हिस्सा था। डौंबौया 2021 के तख्तापलट में सत्ता पर कब्जा कर लिया था और खुद को राष्ट्रपति के रूप में स्थापित किया था। पश्चिम अफ्रीकी देश में इस तरह के टूर्नामेंट आम हो गए हैं। डौंबौया की नजरें अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में संभावित चुनाव लड़ने और राजनीतिक गठबंधन बनाने पर टिकी हैं।

डौंबौया ने राष्ट्रपति को बलपूर्वक हटाया था
डौंबौया ने सितंबर 2021 में राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को उखाड़ फेंककर बलपूर्वक सत्ता पर कब्जा कर लिया था। हैरान करने वाली बात यह है कि अल्फा ने ही डौंबौया को कर्नल के पद पर रखा था ताकि वह इस तरह के तख्तापलट से राज्य और उनकी रक्षा करने का काम करें। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव में डौंबौया ने 2024 के अंत तक एक नागरिक सरकार को सत्ता वापस सौंपने का वादा किय था, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसा नहीं करेंगे।

डौंबौया ने सत्ता पर कब्जा किया
सैन्य नेता ने जनवरी में असाधारण रूप से खुद को लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया और पिछले महीने उन्होंने खुद को सेना के जनरल के पद पर पदोन्नत किया। डौंबौया ने हाल फिलहाल में कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में रखवाया है, अदालतों में पेश किया या निर्वासन के लिए मजबूर कर दिया। इसके बावजूद डौंबौया के समर्थकों ने हाल ही में अगले राष्ट्रपति चुनाव में उनकी उम्मीदवारी के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है। अपने काफी प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद, गिनी एक गरीब राष्ट्र बना हुआ है। यह दशकों से सत्तावादी सरकारों द्वारा शासित है। डौंबौया उन कई अधिकारियों में से एक हैं, जिन्होंने माली, बुर्किना फासो और नाइजर में साथी सैन्य नेताओं के साथ 2020 से पश्चिम अफ्रीका में सत्ता पर कब्जा किया है। गिनी के दक्षिण-पूर्व में स्थित एन’जेरेकोर, जहां संघर्ष हुआ, वहां की आबादी लगभग 200,000 लोगों की है।

Desk idp24

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